6 तहसीलदारों को बताना होगा दो दिन की बारिश से कितना हुआ है नुकसान, फसल कटाई प्रयोग शुरू

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बुधवार को आखिरकार जिला प्रशासन की ओर से डिप्टी कलेक्टर ने आदेश जारी कर जिले के सभी 6 तहसील बालोद, गुरूर, गुंडरदेही, अर्जुन्दा, डौंडी व डौंडी लोहारा के तहसीलदार को दो दिन में हुई बारिश से खरीफ फसल को हुई क्षति के संबंध में जानकारी मांगी है।

कलेक्टर के निर्देश पर सभी तहसीलदार को जारी आदेश पत्र में उल्लेख किया गया है कि दो दिन में हुई बारिश से आपके तहसील में फसल की क्षति हुई हो तो ग्राम का नाम, कृषक का नाम, खसरा नंबर, बोयी गई फसल का नाम, रकबा सहित अन्य जरूरी जानकारी संबंधित रिपोर्ट कलेक्टर कार्यालय में भेजना निश्चित करें। आदेश पत्र की प्रतिलिपि छग शासन राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, मंत्रालय के सचिव, दुर्ग संभाग आयुक्त, बालोद, गुरूर, गुंडरदेही एवं डौंडी लोहारा एसडीएम को भी भेजी गई है। आदेश मिलने के बाद कई स्थानों में पटवारी खेतों में पहुंचे भी थे, हालांकि कितना नुकसान हुआ है, यह सर्वे पूरा होने के बाद ही मालूम हो पाएगा। बहरहाल प्रशासनिक, विभागीय लेटलतीफी की वजह से सर्वे कंपलीट नहीं हो पाया है। इधर बारिश थम गई है, लेकिन अभी भी खेतों में पानी भरा गया है। जमीन गीली होने के कारण फसल पर असर पड़ेगा।

खेतों में अब भी भरा है पानी, पटवारी का है इंतजार

ग्राम टेकवाडीह के किसान खिलावन साहू, आशा राम, दुलार साहू, डामन साहू, भुवन साहू ने बताया कि दो दिन की बेमौसम बारिश थम तो गई है लेकिन मौसम में उतार-चढ़ाव की वजह से खेतों में नमी (गीला) ही है। भीगे धान सूखने के लिए धूप की जरूरत है, लेकिन फिलहाल तो खेतों में पानी ही है। पटवारी का इंतजार अब भी कर रहे है। उनके आने के बाद नियमों का हवाला दिया जाएगा फिर लाभ मिल पाएगा या नहीं, इस पर भी संशय की स्थिति है। धान कटाई करने के बाद बारिश हुई, मजबूरी में खेत में ही खरही बनाने की नौबत आ गई ताकि मिंजाई करवा सकें लेकिन खेत में पानी है। कई स्थानों में अंकुरण आना शुरू हो गया है। कई किसान ऐसे है जो कटाई करके छोड़ दिए थे, वह भी पानी में डूब गया है। दलहन तिलहन भी बेमौसम बरसात में सड़ गया है। पानी गिरने के पहले जो धान खड़ा था वह अब गिर गया है जिसके कारण फसल बर्बाद हो गया है, कृषि विभाग एवं पटवारी निरीक्षण करने नहीं पहुंचे है।

गिरकर लिपट गई फसल, कटाई में होगी परेशानी
खैरवाही के किसान रोशन साहू, दुर्गेश नागवंशी, थानसिंग साहू, रामकुमार साहू, भागवत लावत्रे, भरदा के किसान रोहित निषाद, चिन्ता राम, घना राम, भानू राम विश्राम ठाकुर ने बताया कि दो दिन के तेज बेमौसम बारिश एंव तेज आंधी तूफान के चलते फसल गिर कर लिपट गया है। कटाई करने मे परेशानी होगी। कोलिहामार के किसान भारत सार्वा, भीषम साहू, गोविंद राम, भरत राम ने बताया कि बारिश के कारण धान के फसल मे अंकुरित आने के साथ साथ दलहन तिलहन खराब हो गया।

बालोद ब्लॉक में नुकसान नहीं
बालोद एसडीएम आरएस ठाकुर ने बताया कि उच्च अफसरों के आदेश पर सर्वे कराए तो मालूम हुआ कि बालोद ब्लॉक में धान को नुकसान नहीं हुआ है, पटवारियों से रिपोर्ट ले लिए है। गुरूर ब्लॉक क्षेत्र में कहीं-कहीं नुकसान हुआ होगा तो वहां के संबंधित अफसर, कर्मचारी ही सर्वे कर बता पाएंगे।

जिम्मेदारी से बच रहे अफसर बहानेबाजी नहीं चलेगी
संसदीय सचिव श्री निषाद ने कहा कि कई बार शिकायत मिल चुकी है कि यहां के जिला व ब्लॉक स्तरीय अफसर जनहित के मुद्दों को लेकर मौन रहते है और व्यस्तता का हवाला देकर कभी कॉल अटेंड नहीं करते है तो कभी स्विच ऑफ कर देते है, ऐसे बहानेबाजी नहीं चलेगी। सीएम भी बार-बार जनहित के मुद्दों पर फोकस करते है लेकिन यहां कुछ अफसरों की वजह से लोगों को परेशान होना पड़ता है।

यह विभाग की जिम्मेदारी- पानी में कितना डूबा धान
बारिश की वजह से बालोद व गुरूर ब्लॉक के खेतों में हुए धान फसल की नुकसान आकलन को लेकर सर्वे में हो रही देरी के संबंध में संसदीय सचिव कुंवर सिंह निषाद ने कलेक्टर जनमेजय महोबे व संबंधित अफसरों से चर्चा की। श्री निषाद ने कहा कि बारिश तो हुई है इसमें कोई संदेह नहीं है, मौसम विभाग की रिपोर्ट में भी बारिश होने का प्रमाण है, ऐसे में कितने किसान फोन लगाकर जिम्मेदारों को बताते रहेंगे, कितना डूबा धान और कितना हुआ नुकसान। यह सब सर्वे के बाद ही मालूम हो पाएगा। इस संबंध में मंत्री व मुख्यमंत्री से जल्द चर्चा करूंगा।