भिलाई-रिसाली में महापौर और भिलाई में वार्ड आरक्षण पर सुनवाई आज

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रिसाली निगम के महापौर और भिलाई में वार्ड आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका की सुनवाई 16 नवंबर तक के लिए टल गई है। उच्च न्यायालय में सोमवार की सुनवाई होना था, लेकिन न्यायमूर्ति की सेवानिवृति का दिन होने की वजह से सुनवाई नहीं हो पाई। अब मंगलवार को मुख्य न्यायमूर्ति अनूप कुमार गोस्वामी और न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी की पीठ याचिका पर सुनवाई करेगी।

भिलाई निगम के वार्ड आरक्षण और रिसाली निगम के महापौर पद के आरक्षण को लेकर याचिकाकर्ता अली हुसैन सिद्दीकी ने हाईकोर्ट में अलग-अलग दो याचिका दायर की है। इसमें उन्होंने नगर निगम रिसाली के महापौर पद को ओबीसी महिला के लिए किए गए आरक्षण को नियम 1994 का उल्लंघन बताया है। 2011 की जनसंख्या के अनुसार अनुसूचित जाति की जनसंख्या प्रतिशत भिलाई चरोदा निगम से रिसाली नगर निगम में अधिक होना बताया है। जनसंख्या अधिक होने के बाद भी अन्य वर्ग के लिए किए गए आरक्षण को नियम विरूद्ध बताया है। प्रकरण में 28 अक्टूबर को अंतिम सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय ने फैसले के लिए 15 नवंबर की तारीख तय की थी।