केंद्र की नई स्क्रैप पॉलिसी के बाद प्रदेशभर में चल रहे 15 साल पुराने सरकारी वाहनों का फिर से रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाएगा, लेकिन 15 साल पूरे कर चुके प्राइवेट वाहनों को कमर्शियल की तरह ही फिटनेस सर्टिफिकेट लेना होगा। इसके अलावा उन्हें ग्रीन टैक्स अलग से चुकाना पड़ेगा, जो वाहन की कीमत का करीब एक फीसदी होगा। इस संबंध में केंद्रीय परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी कर आपत्तियां मांगी है।
दुर्ग जिले में ट्रक, टैंकर आटो, स्कूल बस, कार, बस, मैक्सी कैब, क्रेन और प्राइवेट सर्विस व्हीकल मिलाकर कुल 60 हजार वाहन रजिस्टर्ड हैं। इन गाड़ियों में कुल 10338 डीजल वाहन दस साल पुराने हैं। इनमें करीब 1800 वाहन ऐसे हैं, जो पन्द्रह साल से भी ज्यादा पुरानी हैं। 900 डीजल वाहन ऐसे हैं जो राज्य निर्माण के पहले से भिलाई-दुर्ग की सड़कों पर दौड़ रहे हैं। 300 से ज्यादा वाहन अकेले बीएसपी के पास हैं, जिनमें से 100 से ज्यादा वाहन मध्यप्रदेश के समय में ही 10 साल की अवधि पार कर चुके हैं। ऐसे में पॉलिसी लागू होने के बाद इन वाहनों का उपयोग स्कैप में ही होगा। संभागीय परिवहन अधिकारी अनुभव शर्मा का कहना है कि नए नियमों का नोटिफिकेशन होने के बाद प्रदेश के परीपेक्ष्य में उनका अध्ययन किया जा रहा है। इसके बाद उन्हें लागू करने के लिए राज्य सरकार को भेजेंगे।
प्राइवेट वाहन 20 व कमर्शियल का 15 साल में रजिस्ट्रेशन होगा समाप्त
नई स्क्रैप पॉलिसी में डीजल और पेट्रोल के प्राइवेट वाहनों के लिए 20 साल तक चलने की इजाजत दी गई है। 20 साल से अधिक पुराने प्राइवेट व्हीकल यदि ऑटोमेटेड फिटनेस टेस्ट पास करने में फेल हो जाते हैं या रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट रिन्यू नहीं कराते हैं तो 1 जून 2024 से खुद से रजिस्ट्रेशन खत्म हो जाएगा। फिटनेस में फेल होने पर गाड़ी स्क्रैप की जाएगी।
कोरोनाकाल के दौरान हुए आर्थिक नुकसान को देखते हुए लिया निर्णय
कोविड-19 संक्रमण अवधि में वाहन उद्योग को खासा नुकसान हुआ। इसकी पूर्ति करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा पुराने वाहनों को ज्यादा से ज्यादा सड़क से हटाने के प्रयास शुरू किए जा रहे हैं। साथ ही नया वाहन खरीदने वालों को स्क्रैप के बदले में रियायत भी मिलेगी। ग्रीन टैक्स अलग से लागू किया जा रहा है। इसमें 15 साल पुराने वाहन का रजिस्ट्रेशन होगा।
जिलेभर में करीब 1500 शासकीय वाहन नई पॉलिसी के दायरे में
परिवहन विभाग के आंकडों की मानें तो सरकारी महकमों में लगभग 15 सौ ऐसे वाहन हैं, जो कंडम हो चुके हैं। इनमें स्वास्थ्य विभाग और पीएचई, वन विभाग, महिला एवं बाल विकास शामिल हैं। इसके अलावा भिलाई निगम में 70 से ज्यादा वाहन हैं। जिसमें बस, डम्फर, जेसीबी, ट्रैक्टर और शासकीय कार शामिल हैं। इनमें से 51 वाहन 10 साल से ज्यादा पुराने हैं।
नई पॉलिसी को कानून बनाने के साथ लागू किया
केंद्र ने स्क्रैप पॉलिसी का कानून बना दिया है। इसे स्टेट में किस तरह लागू किया जाए। 15 साल पुराने वाहन की एवज में उनके मालिकों को नया वाहन खरीदने में सहूलियत मिलेगी। इसके अलावा पॉलिसी मे नए वाहन के रजिस्ट्रेशन पर छूट का प्रावधान है। इसे लेकर मंथन किया जा रहा।
-गोपीचंद मेश्राम, उपायुक्त परिवहन विभाग