उक्त नेशनल लोक अदालत में निराकृत प्रकरण भरण-पोषण एवं पुनर्वास के मामले में अलग-अलग रह रहे पति-पत्नी बने

त्वरित ख़बरें - दीपमाला शेट्टी रिपोर्टिंग

मामले के पीठासीन अधिकारी पीठ संख्या 01 सिराजुद्दीन कुरेशी प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय दुर्ग का है जिसमें आवेदिका पत्नि जिनके एक पुत्री भी है के द्वारा अनावेदक अपने पति के विरूद्ध भरण पोषण एवं धारा 9 हि.वि.अधि. के तहत पुर्नस्थापना का मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था जिसमें पारिवारिक एवं सामाजिक स्तर पर आपसी सुलह के काफी प्रयास किया गया अनावेदक पति अपने पत्नि से तलाक की जिद पर अड़ा था आज नेशनल लोक अदालत में माननीय न्यायालय के समझाईश पर उभयपक्ष पुरानी बातों को भुलकर आपसी राजीनामा कर साथ-साथ रहकर पुनः दाम्पत्य जीवन व्यतीत करने को तैयार हो गये । इस प्रकार दोनों पुनः खुशहाल जीवन जीने राजीखुशी वापस घर गये। इस तरह लोक अदालत के माध्यम से एक टूटा हुआ मकान पुनः घर में परिवर्तित हो गया।