पहले ही बजट में वित्तमंत्री ने खोला पिटारा..... कृषि उन्नति योजना के लिए 10 हजार करोड़ का प्रावधान,और भी अहम बातें

त्वरित ख़बरें - माधुरी मंडावी

बीजेपी की नई सरकार बनने के बाद छत्तीसगढ़ में पहली बार 2024-25 के लिए बजट पेश किया गया है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बजट पेश किया है। विधानसभा पहुंचने से पहले वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने मंदिर जाकर पूजा की। इसके बाद सीएम विष्णुदेव साय से मुलाकात की है। वह ब्लैक ब्रीफकेस में बजट पेश किए हैं। पहली बार छत्तीसगढ़ के इतिहास में डिजिटल बजट पेश हुआ है। छत्तीसगढ़ की नई सरकार से आम जनता को काफी उम्मीदें हैं।

वित्त मंत्री जिस ब्रीफकेस को लेकर विधानसभा में पहुंचे, उस पर 'ढोकरा शिल्प' की झलक है। वहीं, द ग्रेट सीजी की झलक इस बजट में देखने को मिली। साथ ही इसमें अमृत काल की नींव दिखाई दी। कैबिनेट की मंजूरी के बाद बजट को विधानसभा में पेश किया गया।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने डिजिटल रूप से बजट पेश करने पर आपत्ति करते हुए पुरानी परंपरा के हिसाब से बजट पेश करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह छत्तीसगढ़ की संस्कृति का अपमान हो रहा है। जिस पर बीजेपी ने कहा है कि हम पेपर लेस की ओर बढ़ रहे हैं।

वित्त मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में चुनौतियों का घना अंधेरा है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा है हमें छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ है। छत्तीसगढ़ के सभी लोगों का हमें हृदय से आभार व्यक्त करते हैं कि उन्होंने यह मौका दिया। छत्तीसगढ़ के विकास को ग्रहण लग चुका है, लेकिन लोकतंत्र की ताकत में इन नकारात्मक शक्तियों को पराजित कर दिया। छत्तीसगढ़ की जनता की उंगलियों में लगी स्याही ने छत्तीसगढ़ के विकास के रास्ते खोल दिए हैं।

ये हैं अहम बातें

5 सालों में जीडीपी को 5 लाख करोड़ से 10 लाख करोड़ तक पहुंचाने और इसे दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 10 पिलर्स का निर्धारण किया गया है।

-आर्थिक विकास का केंद्र बिंदु - ज्ञान, नॉलेज का पहला पिलर। हम गरीब युवा, अन्नदाता, महिलाओं के हित में कार्य करेंगे।

ऑनलाइन रॉयल्टी को हटाकर लाल फीताशाही ऑफलाइन तरीके को अपनाया गया है। हम ऑनलाइन माध्यम से सरकार के राजस्व में ऐतिहासिक वृद्धि करके दिखाएंगे।

- विभिन्न विभागों की तकनीकी समृद्ध करने के लिए 266 करोड़ का प्रावधान किया गया है। पूंजीगत व्यय में गत वर्ष की तुलना में 20 प्रतिशत वृद्धि हुई है।

- 20 प्रतिशत कैपेक्स वृद्धि का लक्ष्य।

- प्राकृतिक संसाधनों के लाभ का समान वितरण आमजनों के हित में।

- ईको टूरिज्म के लिए रोडमैप तैयार करेंगे।

- सरकार की सारी क्षमताओं के अतिरिक्त सुनिश्चित होगा निजी निवेश।

- पीपीपी मॉडल को बढ़ावा देंगे। प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा मिलेगा।

- फोकस ऑन बस्तर, सरगुजा जैसे जिलों को आर्थिक विकास की दृष्टि से मजबूत करेंगे।

- हर क्षेत्र की विशेषताओं के अनुरूप विकास सुनिश्चित करेंगे।

-बस्तर में लघु वन उपज के प्रसंस्करण के लिए उद्योगों की स्थापना की जाएगी।

-रायपुर और भिलाई के आसपास के इलाकों को स्टेट कैपिटल रीजन के रूप में विकसित किया जाएगा

-रायपुर, बिलासपुर जैसे प्रमुख नगरों को विकसित करने के लिए हम काम करेंगे।

-ग्रामीण अर्थव्यवस्था को विकसीत करने पर फोकस किया जाएगा

- हम बोलने से पहले करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

-हम आर्थिक विकास की गति बढ़ाने के लिए सतत कार्य करेंगे

-हम छत्तीसगढ़ इकॉनामी काउंसिल का गठन होगा।

-आवास योजना के लिए दूसरे अनुपूरक में हमने 3800 करोड़ रुपए का प्रावधान किया था। अब 8369 करोड़ का प्रावधान अब कर रहे हैं।

- महतारी वंदन योजना के तहत 1200 रुपए दिया जाएगा।


- कृषि उन्नति योजना के लिए 10 हजार करोड़ का प्रावधान।

- जन जीवन मीशन के लिए 4, 500 करोड़ रुपए का प्रावधान।

- भूमिहीन लोगों को भूमिहीन कृषि योजना की शुरूआत।

- कृषि विभाग 13438 रुपए की वृद्धि।

- युवाओं के लिए छत्तीसगढ़ उद्यम क्रांति योजना का प्रवधान।

- दीनदयाल उपाध्याय भूमि कृषि मजदूर योजना प्रारंभ करने के लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान।

- युवाओं के लिए छत्तीसगढ़ उद्यम क्रांति योजना का इसी बजट में प्रावधान।

- स्टेट कैपिटल योजना के लिए 5 करोड़ रुपए का प्रावधान।

- शक्तिपीठ परियोजना के लिए 5 करोड़ रुपए का प्रावधान।

- श्री रामलला दर्शन योजना के लिए 35 करोड़ का प्रावधान।

-कुनकुरी में कृषि अनुसंधान केंद्र की स्थापना की जाएगी।

-कृषि बजट में 33% की वृद्धि हुई है, अब इसका कुल 13,438 करोड़ रुपए का प्रावधान हुआ है।

-कुनकुरी, रामचंद्रपुर, खडगांव, शीलफिलि में कृषि एवं उद्यानिकी महाविद्यालय की स्थापना की जाएगी।

-दुर्ग और सरगुजा जिले में कृषि यंत्री कार्यालय की स्थापना की जाएगी ।

-14 विकासखंड में नवीन नर्सरी की स्थापना की जाएगी।

-सिंचाई परियोजनाओं के लिए 300 करोड रुपए का प्रावधान।

-केलो परियोजना के तहत रायगढ़ में सिंचाई परियोजनाओं को गति देने के लिए 100 करोड रुपए का प्रावधान।

-सिंचाई बांधों के लिए 72 करोड रुपए का प्रावधान।

-सिंचाई के रकबे के विस्तार के लिए 3000 करोड़ रुपए राशि का प्रावधान।

- 10 करोड़ से अधिक के 156 कार्यों के लिए प्रावधान।

- केलो परियोजना के नहर निर्माण का कार्य 100 करोड़ से पूरा किया जाएगा।

- राज्य जल केंद्र की स्थापना के लिए 1 करोड़ रुपए का प्रावधान।

- सिंचाई बांधो की सुरक्षा के लिए 72 करोड़ रुपए का प्रावधान।

-स्व सहायता समूह के माध्यम से महिलाओं को रोजगार देने के लिए 561 करोड रुपए का प्रावधान।

-पंचायत और ग्रामीण विकास के अंतर्गत 70 हजार 539 करोड़ का प्रावधान, 70 प्रतिशत वृद्धि।

- ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार हेतु 2887 करोड़ का प्रावधान।

- सड़कों के लिए 841 करोड़ का प्रावधान।

- कचरा प्रबंधन की योजनाओं के लिए 400 करोड़ का प्रावधान।

- 5 वर्षों तक निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराएंगे।

- फोर्टिफाइड चावल के लिए 209 करोड़ का प्रावधान।

-शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 5000 करोड़ से अधिक का प्रावधान।

-महतारी वंदन योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को ₹12000 वार्षिक दिया जाएगा, जिसके तहत 117 करोड रुपए का प्रावधान।

-ग्राम पंचायत स्तरीय महिला सदन बनाने के लिए 50 करोड रुपए का प्रावधान।

-प्रदेश के पांच शक्तिपीठों को विकसीत करने के लिए 5 करोड़ रुपए का प्रवाधान।

-तेंदूपत्ता संग्राहकों को 4 हजार से बढ़ाकर 5 हजार 5 सौ रुपए दिया जाएगा।

-कला साहित्य खेल के क्षेत्र में युवाओं के योगदान को प्रोत्साहित और उन्हें सम्मान देने के लिए 1 करोड़ 50 लाख का प्रावधान

-राज्य पुलिस बल में 1089 पदों की वृद्धि।

-नक्सल क्षेत्र में तैनात जवानों की सुरक्षा के लिए स्पीक रेजिस्टेंट बूट देने का निर्णय लिया गया है।

-ई-कोर्ट के लिए 596 पदों का सृजन।

-अमृत मिशन योजना के लिए 796 करोड रुपए का प्रावधान।

-नागरिक क्षेत्र के स्लम बस्तियों में स्वास्थ्य सुविधा के लिए 300 करोड रुपए का प्रावधान।

-नालंदा परिसर की तर्ज पर प्रदेश के 22 जगहों पर लाइब्रेरी बनाई जाएगी।

-मुख्यमंत्री जन पर्यटन योजना प्रारंभ की जाएगी, 5 करोड रुपए का प्रावधान।

-हिंदी व छत्तीसगढ़ी से गोंडी भाषा के ट्रांसलेशन के लिए सॉफ्ट वेयर का निर्माण किया जाएगा।

-तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को चरण पादुका देने के लिए 35 करोड रुपए का प्रवाधान।

-रायपुर, बिलासपुर स्मार्ट सिटी के लिए 402 करोड़ का प्रावधान।

- पर्यटन एवं संस्कृति मुख्यमंत्री जन पर्यटन योजना प्रारंभ की जाएगी।

- गोंडी भाषा के विकास हेतु 2 करोड़ 50 लाख का प्रावधान।

- आदिभाषाओ के संरक्षण और विकास के लिए प्रावधान।

- संवर्धन से जुड़े कार्यों के क्रियान्वयन के कैम्प में 1 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान।

- हाथी मानव द्वंद से बचाव के लिए रैपिड रिस्पांस टीम के गठन के लिए 20 करोड़ का प्रावधान।

-राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू किया जाएगी।

-छत्तीसगढ़ प्रौद्योगिकी संस्थानों की स्थापना की जाएगी।

-आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सिस्टम की मदद से शिक्षा व्यवस्था को सुधारा जाएगा।

- राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के अनुरूप रिसर्च इनोवेशन के लिए परिषद का गठन किया जाएगा।

-राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों की भांति प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ प्रौद्योगिकी संस्थानों की स्थापना की जाएगी।

पंडित रविशंकर शुक्ला महाविद्यालय रायपुर में स्टार्टअप इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय इंस्ट्रूमेंटेशन फैसिलिटी का उन्नयन किया जाएगा।

- व्यवसाय मूलक पाठ्यक्रम के रूप में वाणिज्य अध्ययन शाला प्रारंभ की जाएगी।

-पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर में फॉरेंसिक साइंस की प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी।

-नवा रायपुर अटल नगर में संगीत महाविद्यालय प्रारंभ किया जाएगा।

- नवीन औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान पिपरिया में स्थापित किया जाएगा।

-राजधानी में साइंस सिटी के लिए 34 करोड़ रुपए का प्रावधान।

-स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 1500 करोड रुपए का प्रावधान।

-सिम्स के नवनिर्माण के लिए 700 करोड़ रुपए का प्रावधान।

- मेकाहारा रायपुर के लिए 773 करोड़ का प्रवाधान।

-मनेंद्रगढ़, कुनकुरी में 220 बिस्तर वाले अस्पताल की स्थापना की जाएगी।

-शासकीय अस्पतालों में लैब टेक्निशियन के 373 पदों पर भर्ती की जाएगी।

-दीनदयाल उपाध्याय कृषि मजदूर योजना प्रारंभ करने का इस बजट में प्रावधान किया गया है।

- प्रत्येक परिवारों को प्रतिवर्ष ₹10000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। 500 करोड़ का प्रावधान।

- अटल श्रम शक्ति योजना के लिए 123 करोड रुपए का बजट प्रावधान।

- श्रमेव जयते पोर्टल के विकास के लिए 2 करोड़ रुपए प्रावधान।

-युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ उद्यम क्रांति योजना प्रारंभ की जाएगी।

-सौर सिंचाई सुविधाओं को विस्तार देने के लिए 170 करोड़ रुपए का प्रावधान।

-स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध करने के लिए यूनिटी मॉल की स्थापना की जाएगी। इसके लिए 80 करोड़ रुपए का प्रावधान।

-200 करोड़ की लागत से यूनिटी मॉल की स्थापना होगी।

- 6 लाख 96 हजार कृषि पंपों को लाभ दिलाने की योजना।

- बिजली बिल हाफ योजना के लिए 1 हजार 274 करोड़ का प्रावधान।

- एकल बत्ती के लिए 540 करोड़ रुपए का प्रावधान।

-प्रदेश में अधो संरचना विकास को प्रोत्साहित करने के लिए 8317 करोड़ रुपए का प्रावधान।

-प्रदेश के सभी एयरपोर्ट में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 30 करोड़ रुपए का प्रावधान।

-कटघोरा से डोंगरगढ़ रेल लाइन निर्माण को तीव्र गति से करने के लिए 300 करोड़ का प्रावधान।

- यह बजट रेवेन्यू सरप्लस वाला बजट है।

- कोई नया कर प्रस्ताव नहीं है, न ही करो की दरों में वृद्धि का कोई प्रस्ताव है।

-1 लाख 47 हजार 500 करोड़ का कुल बजट

-बजट में 22 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

इसके साथ ही सदन की कार्यवाही 12 फरवरी तक स्थगित कर दी गई है।