बेमेतरा :- बेमेतरा जिले के नवागढ़ विकासखण्ड के ग्राम ढनढनी में एक दिवसीय जूनी सरोवर मेला कल 25 जनवरी को होगा। एक दिवसीय जूनी सरोवर मेला की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। कला गुरुवार को श्रद्धालु लगायेंगे जूनी सरोवर में आस्था की डुबकी । मेला का निरीक्षण करने आज बुधवार को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत लीना मंडावी ग्राम ढनढनी पहुँची। सरोवर के पास ही हेलीपैड बनाया गया है। अपर कलेक्टर डॉ.अनिल बाजपेयी और एसडीएम नवागढ़ युगल किशोर उर्वशा साथ थे।
उन्होंने मेला स्थल,सरोवर ,हेलीपैड ,मंच व्यवस्था, पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, विद्युत व्यवस्था आदि देगी। श्रीमती मंडावी ने असामयिक बारिश को ध्यान में रख कर सभी व्यवस्था करने के निर्देश दिये। इस जूनी मेले में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसलिए सभी व्यवस्थाएं समय रहते गुणवत्ता के साथ पूरी करने के निर्देश दिये। ख़ास कर असामयिक बारिश में एक जगह पानी इकट्ठा ना ख़ास कर हैलीपैड और उसके आसपास इस बात पर ज़ोर दिया।
22 जनवरी को खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग मंत्री श्री दयालदास बघेल ने भी मेला स्थल पहुंचकर चल रही तैयारियां देखी थी। कलेक्टर रणबीर शर्मा और जिलाधिकारी साथ थे। उन्होंने सभी आवश्यक व्यवस्था हेतु अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। जिलाधीश ने होने वाले आयोजन के संबंध मे सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण कर लेने के निर्देश दिए। मंत्री बघेल ने मेला के शांतिपूर्ण आयोजन हेतु व्यवस्था सुनिश्चित करने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा की मेले में आने वाले लोगों को कोई भी परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बता दें कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी 17 जनवरी से 25 जनवरी तक छेर-छेरा पुन्नी के पावन अवसर पर श्रीमद्भागवत महापुराण व विशाल मेला का आयोजन किया जा रहा है।मेला स्थल पर सरोवर के उत्तर-पश्चिम में बूढ़ा महादेव का मंदिर है जिसके ऊपर दुर्गा माता का मंदिर है। बूढ़ा महादेव के पूर्व में काली मॉं व हनुमान जी का मंदिर हैं। बूढ़ा महादेव के पश्चिम में यज्ञ स्थल है। यज्ञ स्थल के दक्षिण में ज्योति कक्ष व मंच है। जूनी मेला का परिसर 14 एकड़ में फैला हुआ है । इस परिसर पर मेला अवधी में विभिन्न व्यवसायिक प्रतिष्ठान एवं मनोरंजन केंद्र सजा होता है । इस मेले में आस-पास के क्षेत्रवासियों के साथ-साथ दूर-दूर के आस्थावान पर्यटक भी पहुंचते हैं।