विश्व की दूसरी सबसे बड़ी माइंस:बीएसपी में लाइमस्टोन की मांग दोगुनी हुई, अब टार्गेट 4 लाख टन, 1100 से ज्यादा युवाओं को मिलेगा रोजगार

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काला पत्थर एरिया में लाइमस्टोन की माइनिंग शुरू होने के बाद नंदिनी माइंस को नया जीवनदान मिल गया है। नए एरिया में माइनिंग शुरू होने के बाद बीएसपी ने भी लाइमस्टोन की डिमांड लगभग दोगुनी कर दी है। नंदिनी माइंस प्रबंधन भी बीएसपी की डिमांड को पूरा करने में जुट गया है। इस डेवलपमेंट से 1100 लोगों को रोजगार के नया अवसर मिल गया है।

विश्व की दूसरी सबसे बड़ी माइंस नंदिनी में माइनिंग लीज एरिया 526.24 हेक्टेयर है। यहां लाइमस्टोन का खनन प्लांट स्थापित करने के साथ ही वर्ष 1959 से शुरू हो गया था। प्लांट की उत्पादन क्षमता जैसे-जैसे बढ़ती गई, नंदिनी माइंस भी उसके हिसाब से लाइमस्टोन की डिमांड पूरा करता रहा। पांच-छह साल पहले तक वह हर साल 3 लाख टन तक लाइमस्टोन की सप्लाई कर रहा था। क्वालिटी खराब होने लगी। सिलिका की मात्रा बढ़ने से डिमांड को घटा दिया गया। काला पत्थर एरिया में बेहतर क्वालिटी का लाइमस्टोन मिलने पर माइंस में प्रोडक्शन बढ़ाया जा रहा।

बेहतर क्वालिटी का लाइमस्टोन मिलने के बाद एक बार पुन: प्रोडक्शन बढ़ाने की तैयारी

  • 526.24 हेक्टेयर लीज एरिया
  • 1959 में शुरू हुई थी यहां माइनिंग
  • 04 लाख प्रतिवर्ष सप्लाई का टार्गेट

नगर की आर्थिक गतिविधियां भी पटरी पर लौटी, रोजगार भी मिलेगा
नंदिनी माइंस को नया जीवन मिलने से यहां कार्यरत 300 नियमित और ठेका श्रमिकों के साथ-साथ अप्रत्यक्ष रूप से करीब 1100 लोगों को दोबारा रोजगार मिल गया है। वहीं नगर की आर्थिक गतिविधियां बीते 60 वर्षों से इसी माइंस के भरोसे संचालित हो रही थी। अब पुन: यह क्षेत्र विकसित होगा।

बीएसपी ने सप्लाई टार्गेट बढ़ा दिया अब क्षेत्र में होगा तेजी से विकास
काला पत्थर एरिया में माइनिंग शुरू होने के बाद बीएसपी प्रबंधन ने भी डिमांड बढ़ाकर दोगुनी कर दी है। पिछले वर्ष तक डेढ़ से दो लाख टन लाइमस्टोन मंगवाया जा रहा था। इसे वर्तमान वित्त वर्ष में बढ़ाकर 4 लाख टन कर दिया गया है। इसके साथ ही क्षेत्र में विकास की संभावनाएं एक बार पुन: शुरू हो गई है।

इस्पात की उत्पादन लागत अब हो जाएगी कम, डिमांड भी बढ़ेगी
नंदिनी माइंस से डिमांड पूरी नही हो पाने की वजह से बीएसपी प्रबंधन को खपत का आधे से अधिक हिस्सा यानि करीब 40 हजार टन हर महीने जैसलमेर (राजस्थान) कुटेश्वर (एमपी) के साथ-साथ दुबई से लाइमस्टोन मंगवाना पड़ रहा है। जिसका ट्रांसपोर्टिंग चार्ज प्रबंधन को भारी पड़ रहा है।

काला पत्थर एरिया के लाइमस्टोन की खासियत
बीते 60 वर्षों से नंदिनी माइंस के जिस हिस्से बैच नंबर 3 और 4 से लाइमस्टोन की माइनिंग की जाती रही है, उसमें सिलिका की मात्रा 6 प्रतिशत तक मिल रहा है। जबकि काला पत्थर इलाके के लाइमस्टोन में इसकी मात्रा साढ़े तीन प्रतिशत तक है। इस लिहाज से यह बीएसपी के लिए उपयुक्त है। क्योंकि लाइमस्टोन में सिलिका की मात्रा जितनी अधिक होगी, वह अनुपयोगी होता जाता है।

स्टील के उत्पादन में लाइमस्टोन की भूमिका
लाइमस्टोन का इस्तेमाल ब्लास्ट फर्नेस में किया जाता है। इसका काम है आयरन ओर की अशुद्धियों को दूर करना। लाइमस्टोन को केमिकल रिएक्शन कर फर्नेस में भेजा जाता है। जहां आयरन ओर की अशुद्धियों को बाहर निकालने में मदद मिलती है। काला पत्थर एरिया के लाइमस्टोन में सिलिका की मात्रा साढ़े तीन से साढ़े 4 प्रतिशत तक है। माइंस के ही अन्य हिस्से में मात्रा 6 प्रतिशत तक है।