कोरोनाकाल से बांट रहे मुफ्त चावल देना अगले महीने यानी दिसंबर से बंद हो जाएगा। दुर्ग जिले के 2.98 हजार बीपीएल और अंत्योदय राशन कार्डधारियों को सरकार अप्रैल से नवंबर महीने तक बिना पैसे लिए चावल बांट रही है। केवल एपीएल कार्डधारियों को निर्धारित रेट के हिसाब से चावल वितरण किया जा रहा था, जो पहले से यथावत है।
मुफ्त में चावल वितरण करने की यह योजना 8 महीने तक चली। इसके पहले यानी वर्ष 2020 में भी इतने महीने तक का चावल मुफ्त में बांटे गए थे। मुफ्त चावल वितरण बंद करने के आदेश के बाद खाद्य विभाग ने पॉस मशीन में चावल का तय रेट फीड करने के निर्देश मशीन स्टॉल करने वाली कंपनी को दिए हैं। बीपीएल सहित अन्य राशनकार्ड धारियों को यह चावल बांटा गया।
नहीं आया आवंटन : जिले में अब तक आवंटन जारी नहीं हुआ, इसलिए लिया निर्णय
अब से 35 रुपए प्रति राशन कार्डधारियों को देना होगा
अंत्योदय राशन कार्डधारियों को सरकार 35 किलो चावल देती है। एक रुपए निर्धारित रेट के हिसाब से 35 रुपए देने होंगे। अंत्योदय राशन कार्डधारियों को एक सदस्य से लेकर पांच सदस्य तक इतनी ही मात्रा में चावल वितरण किया जाता है। दुर्ग जिले में इस तरह के 69707 राशनकार्डधारी हैं। इन कार्डधारियों को अब मुफ्त में चावल नहीं मिलेगा। एपीएल को पहले से ही निर्धारित शुल्क में खाद्यान्न मिल रहा है।
बीपीएल परिवार को इस तरह मिलेगा चावल
बीपीएल यानी प्राथमिकता नीला राशन कार्डधारियों को भी एक रुपए प्रति किलो रेट पर चावल दिया जाएगा। इसमें एक सदस्य वाले को 10 किलो, दो सदस्य वाले को 20 किलो, तीन सदस्य वाले को 35 किलो, चार व पांच सदस्य वाले को भी 35 किलो और 6 सदस्य वाले को 42 किलो चावल देंगे। 2.28 लाख ये कार्डधारी हैं। इन सभी कार्डधारियों को दिसंबर महीने में खाद्यान्न के लिए निर्धारित शुल्क देना होगा।
10176 मीट्रिक टन चावल नि:शुल्क दे रहे थे हर माह
कोरोना काल में बीपीएल और अंत्योदय राशन कार्डधारियों को हर महीने नि:शुल्क चावल बांट रहे थे। जिसके लिए 10176 मीट्रिक टन चावल की खपत हर महीने हो रही थी। यानी इतनी मात्रा में चावल अब पैसे में दिए जाएंगे। खाद्य विभाग ने सभी नगरीय निकायों को इसके लिए निर्देश जारी कर दिए हैं। केंद्र के निर्देश पर नि:शुल्क खाद्यान्न वितरण की व्यवस्था की गई। केंद्र के आगामी आवंटन नहीं दिया जारी किया है।
मुफ्त राशन की वजह से बने 29862 राशनकार्ड
अप्रैल में जैसे की केंद्र व राज्य सरकार ने सहकारी सोसायटियों से मुफ्त में राशन बांटी नए राशनकार्ड भी अधिक बनने लगे। अप्रैल 2020 से अगस्त 2021 तक 29862 राशनकार्ड बनाए गए। जिसमें बीपीएल के 3671, अंत्योदय के 1183, नि:शक्तजन के 258, निराश्रित के 53 और एपीएल के 24697 कार्ड नए बनवाए गए। हालांकि इन सभी कार्डधारियों को अब शुल्क देना होगा।
पॉस मशीन से मिलेगी लोगों को भुगतान की रसीद
दुर्ग शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के सहकारी उचित मूल्य की दुकानों में पॉस मशीन से खाद्य वितरण शुरू किया गया है। दुर्ग शहरी में 330 और ग्रामीण क्षेत्रों में 304 पॉस मशीनें लगाई गई है। मुफ्त राशन वितरण होने की वजह से रसीद नहीं दी जा रही थी। अब पैसे लेने के बाद राशन कार्डधारियों को रसीद भी दी जाएगी। इसके लिए पॉस मशीनों मेें पेपर फीडिंग करने के निर्देश दिए गए।
अगले महीने से तय रेट पर खाद्यान्न जारी होगा, आदेश
कोरोनाकाल को देखते हुए मुफ्त में एपीएल और अंत्योदय कार्डधारियों को चावल आवंटन किया जा रहा था। इस महीने नवंबर तक यह योजना थी। दिसंबर महीने से तय रेट के हिसाब से कार्डधारियों को चावल मिलेगा। इसे लेकर आदेश जारी कर दिया गया है। बाकी उच्च अधिकारियों के आदेश पर आगे की प्रक्रिया की जानी प्रस्तावित की गई है। -सीपी दीपांकर, नियंत्रक खाद्य विभाग दुर्ग