बीएसपी सहित सेल की प्रमुख इकाइयां उत्पादन के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन किए जाने का नतीजा यह रहा कि कंपनी ने पहले 6 महीने में ही 12872 करोड़ का लोन कम चुकता कर दिया। इससे प्रबंधन की ओर से 2030 तक कंपनी की उत्पादन क्षमता 23.1 एमटी से बढ़ाकर 50 एमटी करने के लिए 1.50 लाख करोड़ रुपए के नए लोन के लिए राह आसान हो गई है। प्रबंधन ने भी विभिन्न बैंक प्रबंधन से इसके लिए चर्चा शुरू कर दी है।
सेल बीते तीन साल से प्रॉफिट में चल रहा है लेकिन वर्तमान वित्त वर्ष की पहली छमाही में उसकी पांच एकीकृत इकाइयों ने उत्पादन के क्षेत्र में जो प्रदर्शन किया है, उससे पूर्व के तीन वर्षों के प्रॉफिट के आंकड़े काफी पीछे छूटते जा रहे हैं। अभी भी स्टील मार्केट में कंपनी के उत्पादों की डिमांड बनी हुई है, जिससे प्रबंधन को वर्तमान वित्त वर्ष में अच्छा खासा प्रॉफिट होने की उम्मीद है।
पिछले वर्ष 56 हजार करोड़ रुपए था कर्ज, यह लगातार घट रहा
बीते वित्त वर्ष में सेल पर 56 हजार करोड़ का कर्ज था। अच्छे कारोबार के चलते कंपनी का कर्ज घटकर 35350 करोड़ हो गया। यानि उस वर्ष कंपनी 20650 करोड़ का लोन कम करने में सफल रही। उसी समय से प्रबंधन ने विस्तारीकरण के दूसरे फेज पर काम करना शुरू कर दिया था। सेल चेयरमैन सोमा मंडल ने भी एक्सपांशन प्रोजेक्ट के दूसरे फेज को दूसरे शुरू करने के संकेत दे चुकी हैं।
दूसरे फेज के लिए दोगुने कर्ज की जरूरत
सेल में एक्सपांशन प्रोजेक्ट के पहले फेज में प्रबंधन को 70 हजार करोड़ खर्च करने पड़े थे। हालांकि प्रोजेक्ट की लागत इसलिए भी बढ़ गई थी क्योंकि प्रोजेक्ट डिले हो गया था। वह निर्धारित समय से करीब सात साल अधिक खींच गया था, जिसकी वजह से प्रोजेक्ट की लागत बढ़ी। विस्तारीकरण के दूसरे फेज के लिए प्रबंधन को 1.50 लाख करोड़ की जरूरत होगी। नए लोन से विस्तारीकरण का काम जल्द शुरू होगा।
नया ब्लास्ट फर्नेस व पीबीएस होगा स्थापित
प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में बीएसपी ने एक नया ब्लास्ट फर्नेस और उसे गरम हवा देने के लिए पावर ब्लोइंग स्टेशन स्थापित किया जाएगा। पुराने फर्नेस 1, 2 व 3 को हटा दिया जाएगा। बिलेट और ब्लूम मिल को भी बंद करने की योजना है। दूसरे फेज में रेलपांत उत्पादन बढ़ाने पर पूरा फोकस किया गया है। इसे लेकर रेलवे की डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे यूआरएम व पुरानी रेल मिल पर भी दबाव रहेगा।
बीएसपी में सभी शॉप्स बंद किए जाएंगे
प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में बीएसपी में जितने भी अॉक्जलरी शाप्स हैं, जहां प्लांट में लगने वाले इक्विपमेंट तैयार किए जाते हैं, उन्हें बंद किया जाएगा। इनमें मशीन, शॉप एक से 4, फोर्ज शॉप, एसएस शॉप, रिक्लेमेशन शॉप आदि हैं।