पीईटी के रिजल्ट जारी :पीईटी के टॉप टेन में दुर्ग-भिलाई के सात छात्र चित्रांश का दूसरा और वंशिका का तीसरा स्थान....

त्वरित ख़बरें - निशा बिस्वास छत्तीसगढ़ ब्यूरों

दुर्ग-भिलाई-  व्यापमं ने शुक्रवार की देर शाम प्री इंजीनियरिंग टेस्ट के नतीजे घोषित कर दिए हैं। इसके टॉप टेन में इस बार दुर्ग भिलाई के 7 परीक्षार्थियों ने स्थान बनाया है। पिछले साल की तुलना में इस बार ट्विनसिटी के विद्यार्थियों ने पीईटी में बेहतर परफार्म किया है। पिछले साल की तुलना में टॉपर्स विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है। हालांकि घोषित नतीजों में परीक्षा में शामिल सभी विद्यार्थियों के प्राप्तांक का उल्लेख किया गया है। टॉपर्स के अंकों का प्रतिशत जहां 79.85 फीसदी है, वहीं सबसे नीचे रहने वाले विद्यार्थी का अंक 5.38 फीसदी है।

शहर से 2585 परीक्षार्थी पीईटी में शामिल हुए थे

पीईटी 25 जून को हुई थी। इसमें शामिल होने के लिए दुर्ग-भिलाई से 3616 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया था। इनमें से 2585 परीक्षार्थी चयन परीक्षा में शामिल हुए थे। 1031 अनुपस्थित थे। परीक्षा में उपस्थित छात्र-छात्राओं की प्रतिशत 71.49 फीसदी था। परीक्षा के सफल संचालन के लिए दुर्ग जिले में 7 केंद्र बनाए गए थे। इसी दिन प्री फार्मेसी टेस्ट भी हुआ था। अभी उसके नतीजे घोषित नहीं किए गए हैं। आने वाले दिनों में पीपीएचटी के नतीजे आने की संभावना है।

टि्​वनसिटी के इन छात्रों ने टॉप टेन में स्थान बनाया
पीईटी में बिलासपुर के परीक्षार्थी ने पहला स्थान प्राप्त किया। दूसरे, तीसरे, और पांचवे से लेकर नौवें तक के स्थान पर दुर्ग-भिलाई के परीक्षार्थियों ने कब्जा किया। जारी नतीजों के अनुसार दुर्ग-भिलाई के चित्रांश अग्रवाल ने दूसरा, वंशिका अग्रवाल ने तीसरा, शाश्वत करण ने पांचवां, अमित कुमार पंचायन ने छठवां, श्रीधर प्रसाद पांडेय ने सातवां, अनंत अवस्थी ने आठवां और राहुल धनडोरे ने नौवां स्थान प्राप्त किया है। टॉप टेन में 9 बालक और एक बालिका ने स्थान बनाया है।

व्यापमं की वेबसाइट क्रैश, नतीजे के लिए भटके छात्र
नतीजे घोषित होते ही व्यापमं की वेबसाइट पर परीक्षार्थी नतीजे जानने के लिए संपर्क करने लगे। एक साथ 10 हजार से अधिक परीक्षार्थियों द्वार वेबसाइट खोलने की वजह से व्यापमं की वेबसाइट ने काम करना बंद कर दिया। इसकी वजह से नतीजे जानने और अपने अंकों और रैंक की जानकारी प्राप्त करने के लिए परीक्षार्थी भटकते रहे। देर रात तक इसी तरह की स्थिति बनी रही। हालांकि बाद में व्यापमं ने परीक्षा में शामिल सभी परीक्षार्थियों के नतीजों की सूची डाल दी है।