पहले गरीबों का 16 लाख प्रधानमंत्री आवास छीना: अब खत लिख रहे हैं मुख्यमंत्री...गीता घासी साहू

त्वरित ख़बरें - निशा बिस्वास छत्तीसगढ़ ब्यूरों

राजनांदगांव- जिला पंचायत अध्यक्ष गीता घासी साहू  ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पुनः लक्ष्य देने के लिए लिखे गए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पत्र को धोखाधड़ी, छलावा और सफेद झूठ का दस्तावेज बताया है। पौने पांच साल तक गरीबों के आवास पर झूठ बोलने वाले मुख्यमंत्री बघेल ने मान लिया है कि उनकी सरकार ने छत्तीसगढ़ के 16 लाख परिवारों के आवास रोक रखा था, आवास बनाने के लिए राज्यांश देने से मना कर दिया था। आज चिठ्ठी लिखकर मुख्यमंत्री बघेल ने प्रधानमंत्री मोदी से आवास योजना के अंतर्गत पुनः लक्ष्य देने की विनती करने के बहाने उन 16 लाख परिवारों के जख्मों पर नमक छिड़का है, जिन्हें अपने गरीब विरोधी कृत्य के जरिए प्रधानमंत्री आवास से वंचित रखा।

 जिला पंचायत अध्यक्ष गीता घासी साहू  ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास नहीं मिलने के कारण कई कच्चे घरों की छत से पानी टपक रहा है, चूल्हे नहीं जल पाने के कारण कई घरों में भोजन नहीं पका है इसके लिए प्रदेश सरकार ही दोषी है। साल 2023 को शुरुआत में जब छत्तीसगढ़ के गरीब बेघर लोग सड़कों पर आंदोलन कर रहे थे, तब इससे कांग्रेसी सरकार और इसके नेता भूपेश बघेल ने उन पर लाठीचार्ज करवाया और आँसू गैस के बम फोड़े। मुख्यमंत्री बघेल ने लोगों पर विश्वास करने से मनाकर सर्वे करवाने की बात कही थी। लगता है इस गुप्त सर्वे ने मुख्यमंत्री को उनका सच दिखा दिया है और उन्हें अब छत्तीसगढ़ की जनता क्रोच का बोध हो रहा है। साथ ही उन्हें अपने अपराधों का भी बोध हो रहा है जनता के न्याय से भय महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि इन 16 लाख गरीब परिवारों से अन्याय कोई अनजाने में हुई गलती नहीं थी। अनेक लोगों ने, जिनमें कांग्रेस के वर्तमान उप-मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव भी शामिल हैं, मुख्यमंत्री को समय रहते चेताया था कि ऐसा अन्याय मत करिये। सिंहदेव ने ये बात अपने इस्तीफे में लिखी थी, जो सार्वजनिक है। फिर भी मुख्यमंत्री बघेल ने अपनी ओछी राजनीति के लिए गरीबों के आवास को रोका, ताकि वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से सीधा जुड़ाव न महसूस करें। अब छत्तीसगढ़ के गरीब बेघर कैसे प्रदेश सरकार पर भरोसा करें? क्या गारंटी है कि वो इससे फिर नहीं  मुकर जाएगे।