हेमा देशमुख पहली बार भाजपा शासन में इतनी शर्मनाक घटना, इसकी जितनी भर्तसना की जाये कम
राजनांदगांव- मणिपुर में कुकी समुदाय की 2 महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाने की घटना का 5 मई का वीडियो वायरल हुआ. इस शर्मसार कर देनेवाली घटना ने देश के लोगों का मन व्यथित किया है। इस घटना की महापौर श्रीमती हेमा सुदेश देशमुख ने कडी भर्तसना करते हुये मोदी सरकार की नाकामी बताई। मणिपुर की घटना हमारे देश के इतिहास के लिए एक बड़ा धब्बा है. हमारे देश की पृष्ठभूमि, महिलाओं की सुरक्षा और उनके मान-सम्मान पर ही आधारित है। उन्होंने कहा कि ये वो देश है जहां पर भगवान राम को आदर्श माना जाता है, जो सीता मां को लेकर आए को रावण ने सीता जी को छुआ तक नहीं. जहां पर भगवान कृष्ण ने द्रौपदी को चीर हरण से बचाया. उसी देश में जब महिला को नंगा कर उसकी परेड कराई जाती है, एक महिला के साथ गैंगरेप भी किया गया. महिला का नग्न परेड हमारे देश की ऐसी सच्चाई दिखाता है, जिसे हम सुनना नहीं चाहते हैं. इसे कोई भी नहीं सुनना चाहता है लेकिन ये एक बड़ी सच्चाई है. ये हो रहा है और ये हुआ है, लेकिन हमारे प्रधानमंत्री को इससे कोई सारोकार नहीं, उन्हें कोई दुख नहीं, वे अपने झुठी शान में लगे हुये है।
महापौर श्रीमती देशमुख ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने बयान में कड़े एक्शन की बात कही है. लेकिन ये सब तो बहुत पहले हो जाना चाहिए था. लेकिन ये बात दो महीने के बाद निकलकर सामने आयी है. इस बीच दो महीने में न जाने कितनी महिलाओं के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार हुआ होगा, ये तो क्योंकि वीडियो सामने आया, इसलिए इसका पता चल पाया। जो मोदी जी बेटी बचाव बेटी पढ़ाव के नारे दिये उनके पास इस विषय पर बोलने के लिये सदन में एक मिनट का समय नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसी हरकतें करने वालों की हिम्मत इसलिए भी हो रही है क्योंकि एक तो घटनाओं को दबा दिया जा रहा है। मोदी राज में महिलाए सुरक्षित नहीं है, इसके लिये केन्द्र की भाजपा सरकार जिम्मेदार है।
महापौर श्रीमती देशमुख ने कहा कि सरकार मणिपुर मामले में पूरी तरह से विफल रही है. अगर वहां कुछ हो रहा है तो उसके लिए सरकार ही जिम्मेदार है. समाज के लिए ऐसी घटनाएं शर्मनाक हैं और महिलाएं क्या सोचती हैं कि क्या उनके साथ भी ऐसी घटनाएं हो सकती हैं. महिलाओं का इस घटना के बाद आत्मविश्वास हिल गया है, ऐसे तो कोई भी महिला सुरक्षित महसूस नहीं करेगी। क्योकि हमारे प्रधानमंत्री को इससे कोई लेना देना नहीं है, वे तो सिर्फ झुठी वाहवाही लेने में लगे हुये है। इस घटना के बाद मोदी जी को तुरंत इस्तिफा दे देना चाहिये। इस शर्मनाक घटना की जितनी निंदा की जाये कम है।