छत्तीसगढ़ में त्योहारों की शुरुआत पारंपरिक खेलों के साथ :हरेली में गेड़ी दौड़ के साथ 70 दिन का छत्तीसगढ़िया ओलंपिक शुरू...

त्वरित ख़बरें - निशा बिस्वास छत्तीसगढ़ ब्यूरों

बछरू को बनाया शुभंकर

रायपुर- हरेली के अवसर पर सोमवार को गेड़ी दौड़ के साथ छत्तीसगढ़िया ओलंपिक शुरू हो गया। 6 श्रेणियों में 16 स्थानीय खेलों में मुकाबले 2 महीने 10 दिन चलेंगे। इसमें प्रदेश के करीब 30 लाख महिला-पुरुषों के हिस्सा लेने की संभावना है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नवागांव में गेड़ी दौड़ को हरी झंडी दिखाकर छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की शुरुआत की और खिलाड़ियों को खेल सामग्री भी बांटी।

प्रदेश में छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के आयोजन का ये दूसरा वर्ष है। इसकी लोकप्रियता को देखते हुए पहली बार रस्सी कूद और कुश्ती को भी इसमें शामिल कर लिया गया है। इसका आयोजन ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में राजीव युवा मितान क्लब स्तर पर 17 से 22 जुलाई तक नॉकआउट पद्धति से होगा।

दूसरा स्तर जोन है, जिसमें 8 मितान क्लब मिलकर एक क्लब बनेंगे, इसका आयोजन 26 से 31 जुलाई तक होगा। विकासखंड एवं नगरीय क्लस्टर पर आयोजन 7 अगस्त से 21 अगस्त तक होगा। जिलाें में 25 अगस्त से 4 सितंबर, संभाग स्तर पर 10 से 20 सितंबर तक और अंत में राज्य स्तर प्रतियोगिता का आयोजन 25 से 27 सितंबर तक होगा। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का शुभंकर बछरू (गाय का बछिया) रहेगा, जिसका विमोचन भी सीएम ने किया।

गौ माता को आटे से बनी लोंदी खिलाई और कृषि यंत्रों की पूजा की
सीएम भूपेश बघेल ने अपने निवास पर छत्तीसगढ़ी खेलों का आयोजन कर हरेली पर्व मनाया। उन्होंने नवागांव गौठान में गौ माता और कृषि यंत्रों की पूजा अर्चना की तथा गौ माता को आटा की लोंदी भी खिलाई। इस लोंदी में जड़ी बूटी और नमक रहता है।

जिससे पशुओं में बरसात के समय होने वाले मौसमी बीमारियों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता विकसित होती है। मुख्यमंत्री ने भगवान श्री कृष्ण की पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की साथ ही गौठान में रुद्राक्ष के पौधे का रोपण किया।

गोबर बेचने वाले किसानों-पशु पालकों के खाते में 16 करोड़ रु. दिए
मुख्यमंत्री ने हरेली तिहार के अवसर पर गौठानों में गोबर बेचने वाले ग्रामीण पशुपालक, किसानों सहित गौठान समितियों और महिला समूहों के खाते में 16 करोड़ 29 लाख रुपए डाले गए। सीएम ने गौठानों में गोबर बेचने वाले 59,729 किसानों को 3.96 करोड़ रुपए तथा गौठान समितियों एवं महिला समूहों को 12.33 करोड़ रुपए की राशि जारी किया। इस तरह हितग्राहियों को अब तक 526.37 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेली को रोजगार और आय से जोड़ते हुए गोधन योजना की शुरूआत हरेली के ही दिन 20 जुलाई 2020 को हुई थी। आज यह योजना अपनी सफलता के लिए एक नजीर बन चुकी है। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बना जिसने 2 रूपए किलों में गोबर खरीदकर उससे जैविक खाद का निर्माण किया, बिजली बनाई, प्राकृतिक पेंट का निर्माण किया। इस सब कामों के माध्यम से छत्तीसगढ़ ने देश को महिला सशक्तिकरण की नई राह दिखाई। देश के अनेक राज्य हमारी गोधन न्याय योजना का लगातार विस्तार किया है। गोबर से जैविक खाद बनाने के साथ-साथ गोमूत्र से जैविक वृद्धिवर्धक और जैविक कीटनाशक भी बना रहें है।

                                                                                       सीएम भूपेश भी चल पड़े