विनायकपुर डेम बाइक धोने के दौरान फिसला पैर, तेज बहाव में दोनों बहे...
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में तांदुला नदी पर बने आमटी स्टॉप डैम में बहे दो युवकों का शव 18 घंटे बाद एसडीआरएफ की टीम ने खोज निकाला। सुबह से रेस्क्यू ऑपरेशन में टीम को सफलता मिली है। दुर्ग जिले के अंडा क्षेत्र निवासी यज्ञेश चंद्राकर से मिली जानकारी के मुताबिक नदी में बहे युवक का नाम चुम्मन ठाकुर (29) पिता सतन ठाकुर और शिवम (19) पिता विक्की सोनी था। दोनों अंडा के ही रहने वाले थे। चुम्मन, शिवम और उसके चार दोस्त अंडा से कुछ दूर विनायकपुर के पास तांदुला नदी में बने आमटी स्टॉप डैम की तरफ गए थे।
शव के साथ एसडीआरएफ की टीम।
चुम्मन ने अपनी बाइक को धोने के लिए स्टॉप डैम में चढ़ाया। गुरुवार दोपहर ढाई से तीन बजे के बीच शिवम और चुम्मन बाइक धो ही रहे थे कि अचानक उनका पैर फिसल गया और दोनों बाइक के साथ नदी के तेज बहाव में चले गए। उनके दोस्तों ने शोर मचाया लेकिन दोनों का कहीं पता नहीं चला। आसपास मौजूद लोगों ने अंडा पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने एसडीआरएफ दुर्ग की टीम को बुलाया।
शव बरामद होने के बाद एसडीआरएफ की टीम के साथ पुलिस और स्थानीय लोग।
काफी देर तक तलाशी के बाद भी नहीं चला पता
एसडीआरएफ के हबीब रिजवी ने बताया कि सूचना मिलते ही उनकी टीम आमटी स्टॉप डैम पहुंची। इसके बाद से वो लोग लगातार नदी के तेज बहाव में ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर दोनों लड़कों को खोजा, लेकिन उनका कहीं पता नहीं चला था। एसडीआरएफ की टीम ने शाम हो जाने से अपना रेस्क्यू ऑपरेशन बीच में ही रोक दिया। जिसके बाद आज फिर से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया जिसमें टीम को सफलता मिली।
सुबह से चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन मे टीम को सफलता मिली।
अपने घर का एकलौता बेटा था शिवम
जानकारी के मुताबिक चुम्मन पढ़ाई के बाद गांव में अपनी एक दुकान चलाता था। उसका एक भाई और एक बहन है। पिता भी उसके साथ खेती और दुकान देखते हैं। शिवम अपने घर का अकेला लड़का है। उससे छोटी उसकी एक बहन है। उसके पिता दुर्ग में एक ज्वेलरी शॉप में काम करते हैं। दोनों युवकों के न मिलने से पूरे गांव में मातम सा पसरा हुआ है।