भिलाई- भिलाई नगर कालीबाड़ी मंदिर, सेक्टर 6 में अंबुबाची के अवसर पर मां काली के मंदिर का कपाट 22 से लेकर 26 जून तक बंद किया गया है। यह पट 26 जून सोमवार को दोपहर 2:56 मिनट तक बंद रहेगा, जिसकी वजह से मां काली की पूजा-अर्चना बंद है। मंदिर का पट आज खुलेगा।
यह परंपरा गुवाहाटी में स्थित मां कामाख्या देवी के मंदिर की तर्ज पर पहली बार शुरू की गई है। कालीबाड़ी मंदिर सेक्टर 6 में मान्यता के तहत पूजा-अर्चना बंद रखी गई है। माता के गर्भगृह के कपाट खुलने के बाद शुभ मंगलवार पर 27 जून को बिपत्तारिणी की पूजा धूमधाम से की जाएगी। इसमें बंगाली समाज समेत ट्विनसिटी के मां काली भक्त बड़ी संख्या में शामिल होंगे। मंदिर के पुजारी ने बताया कि 51 देवी शक्तिपीठ में से एक कामाख्या मंदिर में लगने वाले अंबुबाची मेला में साधकों के साथ हजारों भक्तों की भीड़ उमड़ती है। यह मेला 22 से 26 जून तक कामाख्या देवी मंदिर में आयोजित होता है। इस दौरान कामाख्या मंदिर के पट बंद रहते हैं। 22 जून से कालीबाड़ी में माता की पूजा बंद है।
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, इस समय मां कामाख्या रजस्वला (मासिक धर्म) में रहती हैं। इस समय ब्रह्मपुत्र नदी का जल भी लाल हो जाता है। अंबूवाची पर्व के दौरान मंदिर के गर्भगृह में पूजा बंद रहती है। इसे अंबुबाची मेला कहते हैं। हिंदू धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, यहां देवी की कोई मूर्ति नहीं है बल्कि कुंड है, जिसे हमेशा फूलों से ढंककर रखा जाता है।
उत्सव के दौरान तीन दिन बाद जब मंदिर के दरवाजे खोले जाते हैं तो सफेद कपड़ा लाल रंग का हो जाता है, जिसे अंबूवाची वस्त्र कहा जाता है, जिसे प्रसाद स्वरूप बांटते हैं। सेक्टर-6 कालीबाड़ी में पहली बार मां कामाख्या के मंदिर की तर्ज पर यह परंपरा निभाई जा रही है।