सुनसान सड़क पर एक महिला ने मांगी थी लिफ्ट
साल 1983 की बात है, श्याम रामसे महाबलेश्वर में ‘पुराना मंदिर’ फिल्म की शूटिंग कर रहे थे. फिल्म की शूटिंग खत्म हुई पूरा क्रू लौट आया लेकिन श्याम रामसे ने कुछ दिन वहीं रुकने का फैसला किया. कुछ दिन वहां आराम कर, खुद ही ड्राइव कर मुंबई के लिए निकल पड़े. रात का वक्त था, सुनसान रास्ते में उन्हें एक महिला दिखी और उनसे लिफ्ट मांगा. श्याम ने कार रोक दी और लिफ्ट देने के लिए तैयार हो गए.
वीराना का एक सीन. (फोटो साभार: Film History Pics/twitter)
दहशत से भर गए थे श्याम रामसे
श्याम रामसे का दहशत से बुरा हाल था, तेजी से गाड़ी चलाते हुए सीधे मुंबई में आकर रूके. इस घटना के बाद खूबसूरत चुड़ैल के साथ हुए अपने एनकाउंटर को दर्शकों के सामने पेश करने के लिए श्याम ने फिल्म बनाने की सोची और इस घटना के 5 साल बाद ‘वीराना’ बना डाली.

हॉरर फिल्म बनाने के लिए फेमस हैं रामसे ब्रदर्स. (फोटो साभार: Film History Pics/twitter)
Ghosts In Our Backyard किताब में है इसका जिक्र
इस पूरी खौफनाक कहानी का सच तो श्याम रामसे ही जाने लेकिन इस पूरे किस्से का जिक्र फतेहचंद रामसे की नातिन अलीशा प्रीती कृपलानी ने अपनी किताब ‘घोस्ट इन ऑवर बैकयार्ड’ (Ghosts In Our Backyard) में किया है.