22 मई 2023
राजनांदगांव। समस्त महिला समूह एवं समस्त ग्रामवासी के तत्वाधान में सुरगी से लगे ग्राम ग्राम कोटराभांठा में तीन दिवसीय कबीर सत्संग प्रवचन महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
ग्राम कोटरा भांठा निवासी स्व. भागवत साहू समाजसेवी के सुपुत्र यशवंत दास साहू, रूपेंद्र साहू ने बताया कि प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी कोटराभांठा में सदगुरु कबीर साहेब का जन्म उत्सव को बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। सदगुरु कबीर साहेब के जन्मउत्सव के पावन अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा हैं ।
रुपेंद्र साहू ने बताया कि ग्राम कोटरा भांठा में कबीर साहेब धनी धर्मदास असीम कृपा से तीन दिवसीय सत्संग प्रवचन महोत्सव का आयोजन के प्रवचनकर्ता पूज्य संत रामू साहेब जी, ग्राम मिरमिटी,जिला कबीरधाम के कर कमलों द्वारा सत्संग भजन का आयोजन हो रहा है।
परम पूज्य संत रामू साहेब जी ने प्रवचन मे अपने मुखारविंद से कहा कि सदगुरु कबीर साहेब का नाम सुमिरन से पापी से पापी व्यक्ति भी भवसागर से तर जाता है। रामू साहेब ने कहा कि 84 लाख योनि के बाद मनुष्य का शरीर मिला है वह अनमोल है। निज नाम को जपना होगा तभी 84 लाख योनि से मुक्ति मिलेगी। जब तक भगवान सत्यनाम को नहीं जपते, तब तक मुक्ति नहीं मिलेगी। सदगुरु कबीर साहेब ने अपनी वाणी मे कहा कि एक बाती घर का उजाला कर देता हैं, अपनी भीतर के आँख को खोलो। उन्होंने कहा की सद्गुरु के दिए गए नामों को जपने से मनुष्य पापों से मुक्त हो जाता है। सदगुरु कबीर साहेब दुनिया को काल के भेद को बताया , सदगुरु कबीर साहेब ने कहा कि विश्वास,भरोसा से एक नाम के जाप करके विश्वास करके नाम जपने से मनुष्य का 84 लाख की योनि को काट देता है, संसार के बंधन से छुड़ा देने वाला बंदी छोर है । जीव का मुख्य स्थान नाभि कमल में है , वही पार लगाता है। मनुष्य जीवन में गुरु के महत्व को बताया। एक भी निगुरा मत मिले, पापी मिले हजार। हर व्यक्ति को गुरु बनाना चाहिए, प्रत्येक मनुष्य को गुरु के नाम का जाप करना चाहिए, नाम की महिमा को विस्तृत बताया । लगन सही होना चाहिए रामू साहेब ने आगे कहा कि प्रति दिन नारी को सुबह सबसे पहले उठते ही पहले अपने पति का चरण स्पर्श करना चाहिए और साहेब के नामों का जाप करना चाहिए, वह एक सच्ची पतिव्रता नारी है ,उसके घर में कभी भी सम्पति की कमी नहीं रहेगी येसा वेद पुराण कहता हैं। साहेब ने कहा कि अपने कर्म को अच्छे करे, साहेब देखता है । हर मनुष्य के गले में कंठी माला होना चाहिए ,जिंदगी भर गले में रहना चाहिए। गले से अलग नहीं रहना चाहिए, हर इंसान गुरुमुखी होना चाहिए, उन्होंने बताया कि एक शब्द मनुष्य को भव सागर से पार लगा देता है। साहेब के वाणी को अपने जीवन में उतारे और कोई भी कार्य कर्म ऐसा नही करना उसी भगवान देखता है। इस भाव से कार्य करें तो कोई भी पाप कर्म मनुष्य नहीं कर पाएगा। अपने जीवन में खूब भक्ति करें, गुरु के शरण रहकर जीवन यापन करना चाहिए।