कोसानाला टोल प्लाजा के पास नौ महीने में 100 से ज्यादा हादसे, 3 की मौत, फिर भी खामियां दूर नहीं
पूरे जिले की प्रमुख सड़कों की खामियों को लेकर सरकारी सड़क एजेंसी से लगातार पत्र व्यवहार, लेकिन जिम्मेदारों ने अब तक नहीं लिया एक्शन, परेशानी जस की तस
एनएचएआई पर कोसानाला टोल प्लाजा के समीप सड़क की हालत बेहद खराब है। सर्विस रोड नहीं होने से लगातार हादसे हो रहे है। पिछले 9 महीने में टोल प्लाजा और पुल के बीच सौ से अधिक हादसे हुए। इनमें 20 से अधिक मामलों में सुपेला पुलिस ने अपराध भी दर्ज किया।
एक महीने पहले भी टोल प्लाजा के करीब रात 8 बजे ब्रेकर से उछलकर कार टकरा गई। कार सवार 4 युवक बुरी तरह घायल हुए। इतना ही नहीं टोल प्लाजा से सुपेला थाने के बीच हुए हादसों में तीन लोगों की जान भी जा चुकी है। इसकी मुख्य रोड इंजीनियरिंग की लापरवाही है। यातायात पुलिस ने इस लापरवाही को लेकर इन 9 महीनों में सरकारी निर्माण एजेंसी को दो बार पत्र भी लिखा। एक बार पुलिस और एजेंसी के जिम्मेदार टोल प्लाजा का निरीक्षण भी कर चुके हैं। लेकिन अब तक खामियों को दूर नहीं किया जा सका है। रोड की वर्टिकल अलाइनमेंट अब भी ठीक नहीं है। इतना ही नहीं एजेंसी अब तक नए टोल के निर्माण का हवाला देते हुए अब तक सड़क का मेंटेनेंस नहीं कराया गया।
सड़क के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति, हो रहे हादसे
नया टोल सुपेला थाने के सामने तक बनने वाले ओवर ब्रिज का काम पूरा होने के बाद शुरू किया जाना है। इस वजह से ही टोल प्लाजा के आसपास सर्विस रोड निर्माण और खामियों को दूर नहीं किया जा रहा। इसके लिए स्थानीय रोड निर्माण एजेंसी को नेशनल हाईवे की अनुमति की ज़रूरत है। इसे लेकर 100 से ज्यादा बार पत्र लिखे जा चुके हैं।
ब्लैक और ग्रे स्पॉट की खामियों को लेकर पत्र
यातायाता पुलिस ने सड़क निर्माण एजेंसी को ब्लैक और ग्रे स्पॉट की रोड इंजीनियरिंग की खामियों को दूर करने के लिए पत्र लिखा है। पुलिस ने सड़क निर्माण एजेंसी को धमधा, भिलाई 3, पाटन और दुर्ग के स्पॉट पर सुधार कार्य करने के लिए पत्र लिखा है। इसके साथ डिवाइडर लगाने, सड़क चौड़ीकरण करने के साथ सड़क हादसों की रिपोर्ट के लिए भी पत्र लिखा गया है।
उतई और अमलेश्वर के ब्लैक स्पॉट की खामियां नहीं हुई अब तक दूर
पिछले तीन वर्षों में उतई के गोंडपेंड्री इलाके में स्कूल के सामने और अमलेश्वर में डोंगिया तलाब के सामने सड़क हादसों में 5 लोगों की मौत हुई। घटना स्थल का दौरा करने के बाद इसे ब्कैल स्पॉट घोषित कर किया गया। जबकि यातायात विभाग ने जांच के बाद रोड इंजीनियरिंग की खामियों को दूर करने पत्र लिखा था। लेकिन सुधार कार्य नहीं किया गया, जिसके कारण हादसे लगातार होते रहे। इस वजह से घटना स्थल को ब्लैक स्पाट में तब्दील हो गया।
सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं स्टेट हाईवे व जिले की प्रमुख सड़कों पर
धमधा, खुर्सीपार, पुलगांव, सुपेला, छावनी, दुर्ग कोतवाली, वैशाली नगर, जामुल, नंदिनी और भिलाई भट्टी थाना क्षेत्र से गुजर रही मेजर डिस्ट्रिक रोड पर 17 स्थान ऐसे हैं, जहां पर गंभीर दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। जिन्हें वर्ष 2021 में यातायात पुलिस ने ग्रे स्पाट की कैटेगरी में रखा है। इसी तरह नेशनल हाईवे पर 7 स्थान ऐसे हैं जहां पर सड़क हादसे होते हैं। ये स्पॉट खुर्सीपार, कुम्हारी, मोहन नगर, पुरानी भिलाई, पुलगांव, सुपेला थाना क्षेत्र में है।
पावर हाउस से नेहरू नगर तक विपरीत दिशा से भी हो रही लोगों की आवाजाही
ओवर ब्रिज निर्माण और पिछले कुछ महीने से सड़क के गड्ढों के कारण वाहन चालकों ने रांग साइड रूट बना लिया है। पावर हाउस से लेकर नेहरू नगर तक लोग रांग साइड सफर करने लगे है। पावर हाउस से सुपेला चौक के बीच सबसे ज्यादा आटो चालक वाहन लेकर जाते है। इससे भी सड़क दुर्घटना की संभावनाएं बनी रहती है। इसकी जानकारी यातायात पुलिस को होने के बाद भी कोई सख्ती नहीं बरती जा रही है। ट्रैफिक के दबाव के समय भी सुपेला से लेकर नेहरु नगर के बीच वाहन चालक रांग साइड आवाजाही हो रही है।
सड़कों में खामियां हादसों की बड़ी वजह कई बार लेटर लिखकर दी जानकारी
टोल प्लाजा के पास रोड इंजीनियरिंग में खामियां हैं। सर्विस रोड भी नहीं है। इससे लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं। सड़कों की खामियों को दूर करने के लिए संबंधित विभाग ध्यान नहीं दे रहे। एनएचएआई व पीडब्लूडी को दो बार पत्र लिखा गया है।
-गुरजीत सिंह, डीएसपी ट्रैफिक दुर्ग
ट्रैफिक पुलिस ने इस बारे में जानकारी दी है, जल्द खामियां दूर की जाएंगी
टोल शुरू करने को लेकर कोई जानकारी नहीं है। टोल के पास रोड इंजीनियरिंग की खामियों को लेकर यातायात विभाग ने जानकारी दी है। जल्द ही खामियों को दूर किया जाएगा।