भवन तोड़ने और बिल्डिंग मटेरियल के मलबे से बना रही ईंट, पेवर ब्लाक और डिजाइनर गमले; मुनाफा भी अच्छा

त्वरीत खबरे 'महिला समूहों ने खोजा अनोखा विकल्प

भिलाई शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए यहां की महिला समूहों ने अनोखा विकल्प खोज निकाला है। उन्होंने भवन तोड़ने और बिल्डिंग मटेरियल के कचरे से पेवर ब्लाक, ईंट और डिजाइनर गमले बनाना शुरू किया है। इससे शहर की सड़कों के किनारे पड़ा मलबा भी हट जाता है और समूह की महिलाएं अच्छा मुनाफा भी कमा ले रही हैं

नगर निगम भिलाई के जोन 4 क्षेत्र की स्व सहायता समूह की महिलाएं यह नवाचार कर रही हैं। उनके इस कार्य में निगम अमला भी पूरा सहयोग कर रहा है। समूह की महिलाएं जोन 4 क्षेत्रांतगर्त आईटीआई मैदान के पास स्थित गोधन न्याय केंद्र में खाद बनाने के साथ ही अतिरिक्त बिल्डिंग मटेरियल के मलबे का उपयोग करके उपयोगी वस्तुएं बना रहीं हैं। इन समूहों के द्वारा जोन 4 के वार्डों सहित शहर में बिखरे पड़े मलबों को इकट्ठा किया जा रहा है। इसके बाद इसे गौठान में लाकर इससे ईंटें, गमला, पेवर ब्लाक और स्टॉपर आदि बनाया जा रहा है।

गौठान में महिला समूहों द्वारा किया जा रहा काम

इस तरह से बनाया जा रहा ईंट, पेवर ब्लाक व गमले

इस समूह की भारती पखाले ने बताया कि समूह की महिलाएं ईंट, सीमेंट आदि मलबे को पहले कूट पीसकर बारीक करती हैं। इसके बाद उसमें सीमेंट, बालू व अन्य आवश्यक वस्तुओं को मिलाकर उसका मिश्रण तैयार करती हैं। इसके बाद इस मिश्रण को डिजाइनर सांचे ढाला जाता है। इसी तरह से यहां पेवर ब्लाक, ईंट, गमले, स्टॉपर, खिड़की आदि बनाया जा रहा है। समूह की महिलाएं स्व निर्मित इन वस्तुओं को निगम को ही अच्छी मार्जिन में बेच भी रही हैं।

स्थानीय लोगों में भी काफी डिमांड

महिला समूह द्वारा तैयार किए जा रहे इन प्रोडक्ट्स की डिमांड स्थानीय बाजारों में भी खूब है। आसपास से लोग यहां खरीदारी करने पहुंच रहे हैं। अब तक इनके द्वारा बनाई गई ईटें, गमले, पेवर ब्लाक को खुद निगम ही अपने उपयोग के लिए खरीद ले रहा है।