आज से समाधान शिविर लगने का सिलसिला शुरू 31 मई तक लगेंगे

त्वरित ख़बरें - दीपमाला शेट्टी रिपोर्टिंग

जिले में पहले तीन शिविर ग्राम पंचायत सिगदेही, कन्हेरा और खेड़ा में आयोजित होंगे

बेमेतरा, 05 मई 2025/- सुशासन तिहार-2025 के अंतर्गत तीसरा चरण समाधान शिविर कल 5 मई-2025 (सोमवार) से शुरू हो रहा है, जो 31 मई 2025 चलेगा। जिला प्रशासन द्वारा सभी जरूरी तैयारियां करली गयी है। कलेक्टर रणबीर शर्मा ने अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी है। जिले में 64 समाधान शिविर आयोजित होंगे। जिनमें नगरीय क्षेत्र में 37 और ग्रामीण क्षेत्र के 27 शिविर शामिल हैं।     

   इन शिविरों में समाधान पेटी एवं ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति के बारे में संबंधित विभाग के अधिकारी  बतायेंगे। जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और हितग्राहीमूलक योजनाओं के फॉर्म वितरित किए जाएंगे। एक शिविर में 10-15 ग्राम ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है।

   कल 5 मई को  जिले के तीन विकासखंडों के ग्राम पंचायतों में समाधान शिविर लगाये जाएँगे। बेरला विकासखंड के ग्राम पंचायत सिगदेही के शासकीय प्राथ. स्कूल, में शिविर लगेगा। इसमें 14 ग्राम पंचायत सरदा, भटगांव, बावनलाख, अतरगढ़ी, आंदु, सिंगदेही, कुरूद, रांका, वेली, तिवरैया, कठिया, खम्हरिया, टेमरी, किरितपुर, शामिल है। सहायक संचालक उद्यानिकी  हितेन्द्र मेश्राम, प्रभारी अधिकारी है।

   इसी प्रकार साजा ब्लॉक के ग्राम पंचायत कन्हेरा के हाई स्कूल भवन में आयोजित होगा। इसमें 10 ग्राम पंचायत अगरी, ओडिया, सुखाताल, कन्हेरा, गर्रा, रमपुरा, खुरूसबोड़-आर, सैगोना, कारेसरा, कुरूद के लोग शामिल होंगे। एसडीओ, आरईएस, साजा श्री हंसराज साहू, को शिविर का प्रभारी बनाया गया है।

     वही 5 मई को नवागढ़ विकासखंड के ग्राम खेड़ा के हायर सेकेण्डरी स्कूल में शिविर आयोजित होगा। इसमें 13 ग्राम पंचायत खेडा, घोरहा, पुटपुरा, बुंदेला, बिनैका, जेवरा एस., अधियारखोर एस, रमपुरा, खटई, बोटेबोड, गनियारी, बेवरा, अमोरा शामिल है। एसडीओ आरईस महाजन बांधड़े शिविर के प्रभारी है। 

   सुशासन तिहार का पहला चरण 8 से 11 अप्रैल तक संपन्न हुआ, जिसमें जिले भर के कार्यालयों — जिला कार्यालय, नगरीय निकाय, ग्राम पंचायतें, जनपद पंचायत, तहसील और एसडीएम कार्यालयों — में समाधान पेटियां स्थापित की गईं। इन पेटियों में कुल 1,40,780 आवेदन प्राप्त हुए।

    दूसरे चरण  के तहत प्राप्त आवेदनों का एक माह के भीतर निराकरण यानी  रविवार तक किया गया है। आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया गया है। इन शिविरों का औचक निरीक्षण मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, प्रभारी मंत्रीगण, मुख्य सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी करेंगे।