मजदूरों से 14 घंटे 16 घंटे काम लिया जा रहा था, इसलिए 8 घंटे ड्यूटी की मांग को लेकर अमेरिका के शिकागो शहर मे मजदूर आंदोलन हुआ था, उसे कुचलने नेतृत्व करी मजदूर नेताओं को फासी पर लटकाया गया था, उसी का विरोध करने वाले हजारों श्रमिकों को 1886 मे गोली का निशाना बनाया गया था, उसी समय से 1 मई को मजदूर दिवस के रूप मे पुरे विश्व मे मनाया जाता है, उसी समय से ड्यूटी के लिए 8 घंटे का क़ानून बना हुआ है, अधिक टाइम तक काम कराने से ओव्हर टाइम का नियम बना हुआ है.
छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष भीमराव बागड़े के नेतृत्व मे क्रेस्ट कंपनी जोरातराई के आवला बगीचा मे श्रमिक गण सुबह 11 बजे से एकत्रित हुए, एक मई को शहीद हुए श्रमिकों को मौन श्रद्धांजलि अर्पित की गयी, सभा को का. भीमराव बागड़े के अलावा छ. मु. मो. के उपाध्यक्ष ए. जी. कुरैशी, एक्टू के राष्ट्रीय सचिव बृजेन्द्र तिवारी, अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता वीरेंद्र ऊके, भोजराम साहू, दिलीप पारकर, धरती राम साहू, गणेश मेश्राम, आदि वक्ताओ ने सम्बोधित किया, सभा का संचालन पुनाराम साहू ने किया तथा क्रन्तिकारी गीत प्रस्तुत किये, श्रमिकों ने एक मई मजदूर दिवस अमर रहे, शहीद शंकर गुहा नियोगी अमर रहे आदि नारे लगाये.