११७/- रू. समर्थन मूल्य का लाभ सहित तीन सूत्रीय मांगो के लिए किसानों का हल्ला बोल...

त्वरित ख़बरें -सत्यभामा दुर्गा रिपोर्टिंग

राजनांदगांव / मोहला। ११७/- समर्थन मूल्य वृद्धि का लाभ सहित तीन सूत्रीय मांगों को लेकर सात जिलों से पहुंचे किसान प्रतिनिधियों ने क्षेत्रीय किसान पंचायत लगाकर शुक्रवार को मोहला में हल्ला बोला। उल्लेखनीय है कि प्रदेश किसान संघ ११७/- रू. समर्थन मूल्य वृद्धि का लाभ देते हुए ३२१७/- रू. की दर से धान खरीदी राजीव गांधी किसान न्याय योजना की बकाया चौथी किश्त का भुगतान व धान खरीदी में व्यवस्था सुधारते हुए पूरे तीन महीने धान खरीदी की मांग को लेकर अभियान काफी समय से चला रहा है। सरकार ने अब तक न मांगे मानी है और न कोई प्रतिक्रिया दी है ऐसे में आंदोलन तेज करने के उद्देश्य से जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन की कड़ी में मोहला में क्षेत्रीय किसान पंचायत का आयोजन किया गया।

दिन भर पुलिस प्रशासन से चली खिचतान :- किसान पंचायत के आयोजन में प्रशासन लगातार रोड़े अटकाता रहा। आयोजन की अनुमति के लिए २४ दिसंबर को ही आवेदन दिया जा चुका था। परंतु अनुमति या मनाही की सूचना आयोजन के समय तक नही दी गई थी। जब राजनांदगांव की ओर से पहुंचे  किसानों के दल ने सीधे एस.डी.एम. कार्यालय पहुंचकर धावा बोला तब अनुमति नहीं दिए जाने की सूचना दोपहर १ बजे दी गई। जिस पर किसानों ने एस.डी.एम. कार्यालय मेें विरोध कर नारे बाजी  की एंव मिनी स्टेडियम पहुँचकर किसान पंचायत लगाई गई।

किसानों को पुलिस ने जगह जगह रोका:- क्षेत्रीय किसान पंचायत में भागीदारी करने मोहला पहुँचने से किसानों को जगह-जगह रोगा गया।राजनांदगांव  की ओर से आ रही किसानों की बस एवं गाडिय़ों को बांधा बजार के पहले गुंडरदेही मेें रोका गया। किसान वहीं उतरकर चक्का जाम करने बैठ गए तब किसानों को  आगे बढने दिया गया वही मानपुर की ओर से आने वालों को कोहका, औंधी, डोमी, सीतागाँव में रोका गया। एवं वापस भेजा गया और आयोजन स्थल मिनी स्टेडियम के गेट को बंदकर किसानों को कार्यक्रम में पहुंचने से रोका गया।

विभिन्न जिलों से आये प्रतिनिधियों ने किया संबोधित - किसान पंचायत में जहां स्थानीय प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी वही पड़ोसी जिलों से आये प्रतिनिधियों ने पंचायत को संबोधित किया लाल श्याम शाह के संघर्षों को याद करते हुये किसान आंदोलन में शहीद किसानों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए राष्ट्रीय किसान आंदोलन का समर्थन किया गया एवं उनके संघर्षों को आगे बढाने का संकल्प लिया गया। ११७/- रू. समर्थन मूल्य वृद्धि का लाभ पाना किसानों का वैधानिक अधिकार है जिसे साय सरकार की किसानों को देने की नियत नहीं है इसी लिये समर्थन मूल्य बढोंत्तरी का न सार्वजनिक रूप से स्वागत किया गया न इस बढौत्तरी के लिये मोदी जी को धन्यवाद दिया और न किसानों कि इसकी बधाई दी गई। अब किसानों के सामने अपना हक लेने की चुनौती है। यदि सलाना बढोत्तरी किसान छोड़ते है तो उन्हे ४ सालों में प्रति एकड़ २७०००/- रूपयों से ज्यादा का नुकसान होगा और यदि सलाना बढोत्तरी का लाभ मिलता है तो चौथे  साल में धान की कीमत ३६५०/- प्रति क्विंटल तक किसानों को मिल सकता है। इतना ही नही २०२८ विधानसभा चुनाव में पार्टियों द्वारा घोषणा पत्र में भी धान की कीमत पर प्रभाव पड़ेगा जिससे आने वाले ५ सालों में किसानों की आमदनी जुड़ी हुई है। गांव-गांव समर्थन में फोंटोग्राफी - अपनी मांगो की समर्थन में गांव में किसान एक होकर फोटो खिचवायें एवं इसका बैनर बनवाकर गांव में लगाये इसका आग्रह मंच से किया गया पड़ोसी जिलों के आयोजन एवं किसान संपर्क यात्रा में भागीदारी का आवहान भी किसानों से किया गया। सदस्यता अभियान के लिये गांव में एक पंजी में सभी किसानों से हस्ताक्षर करने की अपील भी की गई।

चक्का जाम के लिये निकले किसान - खरीदी चालू करने एवं पूरा बारदाना देने के मुद्दे पर पंचायत ने चक्का जाम का निर्णय लिया और इसके लिये निकलने पर प्रशासन द्वारा रोका गया। तब जवाबदार अधिकारी से लिखित आश्वासन की मांग की गई। जिस पर एस.डी.एम. किसानों के बीच आकर सोमवार तक व्यवस्था सुधार होने की जानकारी दी एवं जिला प्रशासन द्वारा किये जा रहे प्रयासों के बारे में बताया।

लिखित आश्वासन - बंद चल रही रेंगाकठेरा एवं भोजटोला सोसायटी में सोमवार से खरीदी चालू करने  का लिखित आश्वासन दिया गया।

मुख्यमंत्री के नाम से सौंपा ज्ञापन - एस.डी.एम. द्वारा लिखित आश्वासन पत्र दिये जाने उपरांत उन्हे मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन मिनी स्टेडियम में सौपा गया। ज्ञापन में मुख्यमंत्री से तीन-सूत्रीय मांगों को तत्काल पूरा करने का आग्रह किया गया है।

कलेक्टर से चर्चा - कलेक्टर से मुलाकात कर धान खरीदी में अव्यवस्था पर रोष प्रकट करते हुए सुधार नही होने पर शीघ्र ही वृहद आंदोलन छेडने की बात कही गई। प्रशासन द्वारा भण्डारण,परिवहन एवं अन्य प्रशासनिक प्रगति की जानकारी कलेक्टर द्वारा दी गई एवं समयावधि में सुचारू खरीदी सम्पन्न  किए जाने का आश्वासन दिया गया।

भावनाऐं व्यक्त करने लोकतांत्रिक जगह बनाए रखने की बात कहते हुए  प्रदर्शनों एवं आयोजनों के लिए अनुमति एवं सहयोग देने को तत्पर रहने की नसीहत भी किसानों ने कलेक्टर को दी।

मंच से पुलिस को नसीहत-   कारेकट्टा के किसान आंदोलन कार्यकर्ता बालसिंग आचला के घर आधी रात सैकड़ो पुलिस द्वारा बिना वारन्ट के गैर- कानूनी तरीके से दबिश दिए जाने एवं किसानों को आंदोलन में भागीदारी से रोकने से बाज आए वरना अपने हक के साथ लोकतंत्र को बचाने का आंदोलन भी किया जावेंगा।