राजनांदगांव। नित नई ऊँचाईयों की बूलंदियों की ओर अग्रसर जिले की प्रतिष्ठित शाला गायत्री विद्यापीठ के विशाल ऑडिटोरियम सभागार में तृतीय राज्य स्तरीय सुंदरकाण्ड गायन एवं व्याख्यान प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। उक्त आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में देवेन्द्र गोस्वामी जी एवं निर्णायक के रूप में डॉ. कविता लिकेश्वर वर्मा, जगदेव नेताम इंदिरा कला संगीत विवि, खैरागढ़ (छ.ग.) से एवं स्वपन भट्टाचार्य, गायक एवं संगीतकार, कृष्णा पब्लिक स्कूल, भिलाई (छ.ग.) आमंत्रित थे।
साथ ही साथ गायत्री शिक्षण समिति के अध्यक्ष बृजकिशोर सुरजन, उपाध्यक्ष संध्यादेवी सिंघल, राजेश जैन, सचिव गगन लड्ढा, सहसचिव निकुंज सिंघल, कोषाध्यक्ष सूर्यकान्त चितलांग्या, संरक्षक नंदकिशोर सुरजन, सुषमा सुरजन, सांस्कृतिक प्रभारी हरीश गांधी, रूपाली गांधी, एकेडमिक डायरेक्टर अमित उत्तलवार के साथ प्राचार्य शैलजा नायर, पिंकी खण्डेलवाल, सीमा श्रीवास्तव, उप प्राचार्य रश्मि ठाकुर, वंदना डुंभरे, तामेश्वरी साहू, प्रशासक अनिल वाजपेयी, स्कूल मैनेजर श्री तरणजीत सिंह टूटेजा, शहर के गणमान्य नागरिक, बड़ी संख्या में पालकगण एवं समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्र’जवलन, पूजा अराधना के साथ हनुमान चालीसा पाठ एवं श्रीराम स्तुति से किया गया। स्वागत भाषण अध्यक्ष बृजकिशोर सुरजन जी द्वारा किया गया जिसमें उन्होंने इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों में चरित्र बल व नैतिक बल विकसित हो, विद्यार्थी श्रीराम की तरह मर्यादित जीवन जीए, श्रीराम के आदर्श को आत्मसात कर जीवन की सार्थकता को सिद्ध करें। मुख्य अतिथि द्वारा सभी को आयोजन की शुभकामनाएं देते हुए कहा गया कि रामायण और गीता जैसा पवित्र ग्रंथ जो प्रत्येक घरों में पूजा जाता है। मैं आज के युवाओं से किशोरों से निवेदन करूंगा कि कम से कम 15 मिनट निकालकर वे इसका नियमित पाठ भी करें। रामायण को जीवन में उतारें। इससे आपका जीवन राममय हो जाएगा, इससे समाज की बुराईयां दूर होंगी।
सचिव गगन लड्ढा जी द्वारा भी सभा को संबोधित करते हुए कहा गया कि आज का यह ऐतिहासिक दिन हमें बरबस ही त्रेतायुग की यद दिलाता है। श्रीराम का हर किरदार, भाई, पति, पुत्र के रूप में हमारे जीवन के लिए एक सुन्दर आदर्श प्रस्तुत करता है, जो हम सभी के लिए एक सीख है, ऐसे पवित्र ग्रंथ को आत्मसात करने से हमारे व्यक्तित्व में निखार आता है।
शाला की प्राचार्य शैलजा नायर द्वारा भी उक्त आयोजन के संदर्भ में कहा गया कि आज का यह आयोजन हम सभी के लिए प्रेरणादायक है, जहां हम अपनी धर्म, संस्कृति से जुड़कर बच्चों में श्रीराम जैसा आदर्श स्थापित करने में कामयाब हो सकते है।
उक्त आयोजन में विभिन्न जिलों से लगभग 15 स्कूलों से विद्यार्थी प्रतिभागी के रूप में उपस्थित थे। सम्पूर्ण आयोजन बेहद प्रभावी रहा। ऑडिटोरियम सभागार को सुन्दर कलाकृति से सजाया गया जहां सम्पूर्ण वातावरण राममय नजर आ रहा था। जय श्रीराम के उद्घोष से वातावरण में गजब उत्साह का माहौल था। निरंतर तालियों की गड़गड़ाहट प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करती रही। आयोजन में स्पांसर के रूप में सहयोगी थे- बैंक आॅफ बड़ौदा, रत्न सागर, बंधन बैंक, सुमीत बाजार, एसआईबी लाईफ, कम्प्यूटर साल्युशन, नवनीत, संजय बुक सेलर्स, गुड लक पब्लिकेशंस लिमिटेड, ग्रीन अर्थ, डॉ.शोभा श्रीवास्तव एवं नोहर दास साहू जी।
संयोजक के रूप में सहयोग था शिक्षक मनीष सुराना, पलक लोहिया, वाणी मुदिराज, कार्यक्रम का संचालन अंजलि सोनवानी एवं सीमा गायधने द्वारा किया गया। वीडियोग्राफी आशीष सोनवानी, याददास साहू एवं शिक्षक विमल शर्मा द्वारा किया गया। इसमें नृत्य निर्देशक के रूप में योगदान था शिक्षिका भारती यादव, संगीत शिक्षक दिनेश साहू, प्रशांत कुशवाहा का सहयोग रहा। तकनीकी सहायक राहुल जैन थे।
प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर कृष्णा पब्लिक स्कूल भिलाई रही जिन्हें 7001 रूपए नगद राशि, द्वितीय स्थान पर युगांतर पब्लिक स्कूल राजनांदगांव 5001 रूपए नगद, तृतीय स्थान पर अजीज पब्लिक स्कूल राजनांदगांव रही जिन्हें 3001 रूपए नगद राशि के साथ स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। इसक साथ ही स्पर्धा में प्रत्येक प्रतिभागी टीम को 1100 रुपए की राशि भेंट की गई।