प्रेसवार्ता आप सबको अखबारों टीवी चैनल सोशल मीडिया की माध्यम से जानकारी होगी कि दिनांक 25.7.2024 को छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा मजदूर कार्यकर्ता समिति के कार्यकर्ता लोककला सांस्कृतिक कर्मी कलादास डेहरिया के घर एन.आई.ए. के द्वारा छापा मारा गया |सन 2008-09 में कलादास डेहरिया एवं उनके नाचा गम्मत टीम द्वारा नशा के विरोध में पूरे छत्तीसगढ़ में जन जागरण का यात्रा किया था| जिसके सम्मान के लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कलादास डेहरिया के घर तक सम्मान पुरस्कार पहुंचा| आज वही केंद्र की सरकार द्वारा कलादास डेहरिया के ऊपर फर्जी केस में फसाने की साजिश का हम घोर निंदा करती है आप सभी जानते हैं कि शहिद शंकर गुहा नियोगी इन्हीं बातों को लेकर देशव्यापी आंदोलन बन चुके थे |जिस बात से हमारे देश की व्यवस्था को, उद्योगपतियों को रास नहीं आया और सन 1991 को 28 सितंबर के दिन सोए हुए हालात में उन्हें जान से मार दिया, वहीं शाहिद नियोगी जी को छत्तीसगढ़ के प्रथम डी.जी.पी. विश्व रंजन ने पहला नक्सली बोला गया था| शायद उसी की तर्ज पर नियोगी के सिपाहियों को दमन करने का एक षड्यंत्र पूरजोर तरीके से चलाई जा रही है| जिसकी1 हिस्से के रूप में सुधा भारद्वाज की गिरफ्तारी को भी देख सकते हैं |जो मुखर होकर मजदूरों के लिए ,किसानों के लिए, आदिवासियों के लिए ,दलितों के लिए ,रोड और कोर्ट दोनों जगह पर लड़ती रही है |और आज भी लड़ रही है |सुधा भारद्वाज जी को बीमा कोरेगांव वाले फर्जी केस लगाकर फसाया गया| इस केस में 5 - 6 साल गुजर जाने के बाद भी आज तक ट्रायल शुरू नहीं हुआ |ऐसे ही देश भर में आंदोलन कार्यों पर सैकड़ो कैस चल रहे हैं| वर्तमान में जो छापा कलादास डेहरिया के घर पर किया गया वह भी इस षड्यंत्र का हिस्सा है जिसमें स्ता पूरी तरह से है और यह चाहते हैं की जनता की आवाज को जुझारू तरीके से उठाने वाले लोगों को शांत कर दिया जा| ताकि देश की मेहनतकश वर्ग को पुनः दास प्रथा की और ले जाया जाए |जिसमें नेता और उद्योगपति जो बोलेंगे वही काम जनता को करना पड़ेगा, मतलब जनता को एक जानवर समझकर प्रयोग करेंगे और यह केवल और केवल वोट की मशीन बनकर रह जाएगी|