मरकजी मस्जिद पावर हाउस कैंप-2 में नमाज़ से पहले अपनी तकरीर में मौलाना इनामुल हक ने कहा कि अल्लाह ने कुर्बानी हजरत इब्राहीम अलैहिस्सलाम से मांगी लेकिन ली नहीं। इब्राहिम अलैहिस्सलाम को जब बेटे पर छुरी चलाने की नौबत आई तो अल्लाह ने फ़रिश्ते के जरिए से एक दुंबा (भेड़) रखवा दिया और इस्माइल को हटा दिया। मौलाना हक ने कहा अल्लाह प्रेम और आत्मसंयम (तकवा-परहेजगारी) को पसंद करता है। इस कुर्बानी को क़यामत तक लोगों के लिए साहिबे हैसियत पर वाजिब कर दिया गया। इस के बाद नमाज़े ईदुल अजहा इमाम हाफिज कासिम ने अदा करवाई। इस मौके पर लोगों ने आपस में दिली मुबारकबाद दी और पुलिस विभाग के मौजूद लोगों को धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान सदर मोहम्मद असलम, सचिव सैयद असलम,नायब सेक्रेटरी मोहम्मद अकरम, खजांची सगीर जमाल, मोहम्मद आजम, निजामुद्दीन अंसारी, युसूफ सिद्दीकी, अशरफ, हाफिज महफूज सईद अहमद, निसार अहमद, हाफिज अहमद,आदिल, ताहिर,साहिल और अदनान सहित अनेक लोग मौजूद रहे।