कांग्रेस के चुनावी घोषणा में जनता को भरमाया
भिलाई/ जिला न्यायालय दुर्ग मे वर्ष 2018 के छतीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा छत्तीसगढ़ की जनता को दिग्भ्रमित कर छल व धोखा पूर्ण कार्य षडयंत्र के आशय से घोसणा पत्र जारी कर जीत दर्ज करने और घोसणा अनुरूप जीतने बाद उसे पूरा नहीं करने के कृत्य के संबंध मे परिवाद को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दुर्ग ने सुनवाई की तिथि 25 सितंबर को सुनिश्चित किया.
उल्लेखनीय है कि अधिवक्ता अशोक शर्मा ने कांग्रेस पार्टी की घोषणाओं पर सिलसिलेवार सभी बिन्दुओं पर प्रकाश डालते हुए अपने परिवाद मे कहा कि कांग्रेस पार्टी के तात्कालीन अध्यक्ष राहुल गांधी, जयराम नरेश सहित अन्य ने घोषणा पत्र के अध्यक्ष वर्तमान में उप मुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव सहित छत्तीसगढ़ के अन्य शीर्ष नेतृत्व ने घोषणा पत्र जारी किया था उन घोषणाओ को अमलीजामा नहीं पहनाया गया है.और ऐसी घोषणा की जिन्हे अपने शासनकाल में पूरा नहीं किया गया. अधिवक्ता शर्मा ने परिवाद के माध्यम से कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता को दिवास्वप्न दिखाकर कांग्रेस पार्टी ने घोषणा पत्र के प्रलोभन से सरकार तो बना ली, पर उसे पूर्ण न कर जनता के साथ धोखा पूर्ण कार्य किया और जनता के साथ छल किया और सत्ता प्राप्त की उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपनी लुभावनी लिखित घोषणाओं को पूरा नहीं किया उनके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया जाना चाहिए.कांग्रेस ने जनता के साथ षडयंत्र आशय से सत्ता प्राप्त करने के लिए किया l
श्री शर्मा ने न्यायालय से परिवाद मे कहा कि जनहित में राज्य सरकार को अपनी घोषणाओं को अमल में लाना चाहिए था.पर कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश के सवा दो करोड़ जनता को विधानसभा चुनाव के दौरान घोसणा पत्र मे सभी वर्ग के लोगों की खुशहाली के लिए कई प्रकार की बातों को सम्मलित कर कृषको, युवाओं, किसानो, संविदा कर्मियों,को दिग्भ्रमित कर वोट बटोरने में उतप्रेरित किया जिसमे वो सफल भी हुई पर उसने लिखित वादों को पूरा नहीं कर धोखा किया . उन्होंने बताया कि परिवाद 156(3)दंड प्रक्रिया सहिता पर आधारित हैl शर्मा ने बताया कि 25 सितंबर को पेशी तर्क के लिए परिवाद पर जेएमएफसी श्री गरुपंच के जिला न्यायालय दुर्ग में सुनवाई तय है. विदित हो कि अधिवक्ता शर्मा ने राहुल गांधी, जयराम नरेश, टीएस सिंहदेव, मोहम्मद अकबर, रवीन्द्र चौबे, शिवकुमार डहरिया, धनेन्द्र साहू, फूलोदेवी नेताम, अरुण वोरा सहित कुल 12 लोगो खिलाफ धोखाधड़ी, छल, षडयंत्र के तहत किये जाने के तथ्यों पर मामला दर्ज कराने पुलिस थाना मे पूर्व में शिकायत की थी.कोई अपराध पुलिस ने दर्ज नहीं किया, जिस पर न्यायालय मे उपरोक्त मामला प्रस्तुत करना पड़ा जिसे न्यायालय ने सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया हैl