दुर्ग जिले में साढ़े 3 महीने पहले मिली जली हुई लाश मामले में खुलासा हो गया

त्वरित ख़बरें - पहले गला दबाया, फिर शव जला डाला:युवक ने कार जलाई थी,इसलिए 3 लोगों ने मिलकर मारा,खेत में मिली थी लाश; अब 2 गिरफ्तार

दुर्ग जिले में साढ़े 3 महीने पहले मिली जली हुई लाश मामले में खुलासा हो गया है। दरअसल, उसकी ह्त्या की गई थी। बताया गया कि शख्स ने एक युवक की कार जलाई थी। जिसका बदला लेने के लिए आरोपी ने 2 और लोगों के साथ मिलकर उसकी हत्या का प्लान बनाया था। फिर मौका मिलते ही उसका गला दबाया। इसके बाद उसकी लाश को जला दिया था। इस मामले में पुलिस ने अब 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं एक आरोपी अभी फरार चल रहा है। मामला अमलेश्वर थाना क्षेत्र का है।

01 नवंबर 2021 को अमलेश्वर के अमलीडीह गांव के खेत में एक शख्स की लाश जली हुई मिली थी। जिसकी सूचना खेत मालिक सरजू जोशी ने पुलिस को दी थी। खबर मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंची और जांच शुरू की थी। मगर काफी जांच पड़ताल के बाद भी उसकी पहचान नहीं हो सकी। पुलिस ने मृतक की पहचान के लिए शव को करीब 6 दिन तक शव गृह में ही रखा था।

पोस्टमॉर्टम से सच आया सामने

वहीं जब पुलिस को काफी प्रयास के बाद भी शव के पहचान करने में सफलता नहीं मिली तब सोशल मीडिया का भी सहारा लिया गया। इसके बावजूद कुछ पता नहीं चला। फिर 06 नवंबर को शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। बाद में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में ये बात सामने आई कि शख्स की पहले गला दबाकर हत्या की गई है। इसके बाद शव को जलाया गया है।

ऐसे हुई पहचान

इधर, पुलिस लगातार जांच करती रही। लेकिन शव की पहचान नहीं हो सकी। इस पर पुलिस ने जिले के अलग अलग थानों में गुम इंसानों की रिपोर्ट मंगाई। तब पुलिस को अहम सुराग मिला। पुलिस को पता चला कि पुरानी भिलाई थाना में शेख मेहजुधन(40) निवासी भिलाई 03 के गुम होने की रिपोर्ट दर्ज है। जिसका अब तक कुछ पता नहीं चल सका। इसके बाद पुलिस ने उसके परिजनों से पूछताछ की। फिर शव की पहचान कराई गई। तब मेहजुधन की बेटी ने शव की पहचान अपने पिता की रूप में की थी।

विवाद के बाद मारपीट भी हुई थी

शव की पहचान होने के बाद पुलिस ने जांच और तेज की तो पता चला कि की शेख मेहजुधन ने कुछ समय पहले इसी इलाके में रहने वाले मो.असरफ से विवाद किया था। विवाद की बाद दोनों में मारपीट भी हुई थी। जांच में यह भी पता चला कि शेख मेहजुधन ने 06 महीने पहले ही मो.असरफ की कार जला दी थी। जिसकी शिकायत भी असरफ ने थाने में की थी। ये पता चलते ही पुलिस ने असरफ को हिरासत में लिया। हिरासत में पूछताछ के बाद उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।

शराब पी रहे थे कि आ गया मेहजुधन

असरफ ने बताया कि कार जलाने और पुराने विवाद के चलते ही उसने अपने साथी संदीप पाटिल और राहुल चौरसिया के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया । उसने बताया कि हम सब 31 अक्टूबर की रात को करीब 12.30 बजे भिलाई 3 रेल पटरी के पास शराब पी रहे थे। इतने में हमने शेख मेहजुधन को वहां से जाते देखा था। उसे देखता ही हमने तय कर लिया था कि उसको उसी वक्त मार डालेंगे। इसके बाद हमने उसे वहीं रोक लिया। फिर तीनों ने मिलकर उसका गला दबा दिया। उसकी हत्या करने के बाद हम कार से उसके शव को अमलेश्वर ले गए और खेत में फेंककर उसे जला दिया। पुलिस ने असरफ की निशानदेही पर संदीप पाटिल को पकड़ा है। मगर इस मामले में राहुल चौरसिया अभी फरार है। पुलिस ने मंगलवार को पूरे मामले का खुलासा किया है।