निवेश के दावे खोखले, भाजपा सरकार की नीतियों से छत्तीसगढ़ के उद्योग दम तोड़ रहे हैं: कांग्रेस

त्वरित ख़बरें रायपुर ब्यूरों प्रमुख प्रिय शर्मा

रायपुर @  प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने भाजपा सरकार पर छत्तीसगढ़ में निवेश के नाम पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि हैदराबाद में आयोजित निवेशक सम्मेलन में 9,580 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों का दावा पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन है।

सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए लगातार बड़े-बड़े निवेश के दावे कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत इसके विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले ढाई वर्षों में सरकार ने नए निवेश लाने के नाम पर केवल घोषणाएं की हैं, लेकिन प्रदेश में एक भी बड़ा निवेश धरातल पर नहीं उतर पाया है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि इससे पहले सितंबर 2025 में वेलनेस, हेल्थकेयर और पर्यटन क्षेत्र में 7 लाख करोड़ रुपये तथा नवंबर 2025 में गुजरात से 33 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों का दावा किया गया था, लेकिन इनमें से कोई भी निवेश वास्तविकता में नहीं बदल सका।

उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री के जापान और दक्षिण कोरिया दौरे तथा उपमुख्यमंत्री अरुण साव और वित्त मंत्री ओपी चौधरी की अमेरिका यात्रा के बावजूद प्रदेश में विदेशी निवेश क्यों नहीं आ पाया। सरकार ने सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रों में निवेश आने के दावे किए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है।

सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि जून 2025 तक प्रदेश में 18,940 पंजीकृत कंपनियां संचालित थीं, जिनमें से 4,288 कंपनियां बंद हो चुकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की उद्योग विरोधी नीतियों के कारण स्पंज आयरन उद्योग, रोलिंग मिलें, राइस मिलें, सहकारी शक्कर कारखाने और एथेनॉल प्लांट बंद होने की कगार पर हैं।

कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में औद्योगिक बिजली दरों में पांच बार बढ़ोतरी की गई, जिसके कारण छत्तीसगढ़ के उद्योगों को पड़ोसी राज्यों ओडिशा, झारखंड और मध्य प्रदेश की तुलना में अधिक लागत का सामना करना पड़ रहा है।

वर्मा ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान कृषि एवं वनोपज प्रसंस्करण, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों में बेहतर कार्य हुआ था। सीमेंट और स्टील उत्पादन में भी नए कीर्तिमान स्थापित किए गए थे, लेकिन वर्तमान सरकार ने कांग्रेस काल की उद्योग नीति में बदलाव कर स्थानीय उद्योगों, लघु एवं कुटीर उद्योगों तथा गौठानों में संचालित ग्रामीण औद्योगिक पार्क "रीपा" परियोजना को कमजोर कर दिया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि आयुष्मान योजना के तहत अस्पतालों के लंबित भुगतान के कारण छोटे अस्पताल आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। वहीं, कांग्रेस सरकार के दौरान शुरू की गई "राम वन गमन पथ" परियोजना के विस्तार कार्य को भी रोक दिया गया है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा सरकार उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल बनाने में पूरी तरह विफल रही है। पिछले ढाई वर्षों में हजारों उद्योग बंद होने से लाखों युवाओं के सामने बेरोजगारी का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने दावा किया कि सरकार रोजगार सृजन के मोर्चे पर भी पूरी तरह असफल साबित हुई है।

सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार की आर्थिक नीतियों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार संबंधी चुनौतियों के कारण प्रदेश का निर्यात प्रभावित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के लिए उद्योग का मतलब केवल बड़े कॉर्पोरेट घरानों को लाभ पहुंचाना रह गया है, जबकि स्थानीय उद्योग और उद्यमी उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं।