रायपुर नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई के साथ ही मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़ गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम का गठन किया गया था, जिसने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिरों से प्राप्त सूचनाओं और घटनास्थल के आसपास जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म की घटना की शिकायत मिलने के बाद तत्काल प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। मामले की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने पीड़िता और उसके परिवार की गोपनीयता बनाए रखते हुए कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दो अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद उनकी तलाश तेज कर दी गई। पुलिस टीम ने संभावित ठिकानों पर दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी और क्या आरोपियों ने पहले भी किसी आपराधिक गतिविधि को अंजाम दिया है। मामले की जांच के दौरान इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को भी एकत्र किया जा रहा है, ताकि न्यायालय में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकें।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नाबालिगों से जुड़े अपराधों के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं तथा राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराध की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। अभिभावकों से भी बच्चों को सुरक्षा संबंधी जागरूकता प्रदान करने और उनकी गतिविधियों पर ध्यान देने का आग्रह किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि समाज और पुलिस के संयुक्त प्रयासों से ही बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामले से संबंधित किसी भी प्रकार की अफवाह या अपुष्ट जानकारी सोशल मीडिया पर साझा न करें। कानून के अनुसार नाबालिग पीड़िता की पहचान गोपनीय रखना अनिवार्य है। इसलिए पीड़िता के नाम, फोटो, पता, विद्यालय या परिवार से जुड़ी किसी भी जानकारी को सार्वजनिक करना दंडनीय अपराध है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच जारी है तथा सभी दोषियों को कानून के दायरे में लाकर कड़ी सजा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।