जिले में बढ़े अपराध:तीन साल में लूट के मामले 102% बढ़े हत्या के प्रयास की घटनाएं 90% बढ़ी

त्वरित ख़बरें - लॉकडाउन अनलॉक होते ही क्राइम भी अनलॉक हो गया है। पिछले तीन वर्षों की तुलना में 22 दिसंबर 2021 तक क्राइम ग्राफ लगातार बढ़ा

सायबर सेल में हर दिन 10 से ज्यादा शिकायतें

लॉकडाउन अनलॉक होते ही क्राइम भी अनलॉक हो गया है। पिछले तीन वर्षों की तुलना में 22 दिसंबर 2021 तक क्राइम ग्राफ लगातार बढ़ा है। इस वर्ष हत्या, चोरी, लूट, अपहरण और दहेज प्रताड़ना जैसे गंभीर अपराध तेजी से बढ़े हैं। पुलिस थानों से जुटाई गई जानकारी के मुताबिक हत्या जैसे गंभीर अपराधों में 13%, हत्या के प्रयास, दुष्कर्म, लूट और चोरी के अपराधों में भी बढ़ोतरी हुई है।

आपसी रंजिश और पारिवारिक कलह के कारण हत्या जैसे गंभीर अपराध में भी बढ़ोतरी हुई है। लॉकडाउन के कारण डेढ़ वर्षों तक लोग घरों में रहे। अब अनलॉक होते ही लोग घूमने फिरने, पारिवारिक समारोह में शामिल होने के लिए शहरों के बाहर गए। इस वजह से सूने मकानों में चोरों ने ज्यादा सेंध लगाई है। पारिवारिक तनाव, प्रेम प्रसंग और पढ़ाई के दबाव में नाबालिग घर छोड़कर भाग गए, जिसके कारण अपहरण जैसे क्राइम का ग्राफ बढ़ गया। दंपत्ति में आपसी विवाद व दहेज प्रताड़ना के मामले भी बढ़ गए हैं। शिकायतें भी सामने आ रही है।

सायबर सेल में हर दिन 10 से ज्यादा शिकायतें
सायबर सेल में प्रतिदिन 5 से 10 आवेदन ऑनलाइन धोखाधड़ी से संबंधित आते हैं। लेकिन सिर्फ गंभीर और बड़ी राशि के मामलों में जांच करके पुलिस थानों में केस दर्ज करती है। यही वजह है कि जिले में अब तक सिर्फ 24 केस ही रजिस्टर्ड हुए है। जबकि वर्ष 2020 मेंं 20 और वर्ष 2019 में 24 केस दर्ज किए गए थे। 5 से 20 हजार तक के ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों में जांच जारी है।

पिछले साल की तुलना में भी बढ़ा अपराध, अभी साल के 8 दिन शेष
पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2019 में जिले में 6232 एफआईआर रजिस्टर्ड हुई थी। जबकि वर्ष 2020 में इसकी संख्या लॉकडाउन के कारण घटकर 6014 पहुंच गई थी। लॉकडाउन अनलॉक होते ही दोबारा क्राइम का ग्राफ बढ़ गया। वर्ष 2020-21 दिसंबर तक जिले में 6641 एफआईआर दर्ज हुए हैं। इस प्रकार जिले में अपराध की संख्या लगातार बढ़ी है। पुलिस इस पर अंकुश लगाने में विफल रही है। साल खत्म होने को अब भी 8 दिन शेष हैं, इस हिसाब से अभी और अपराध दर्ज होंगे। इस दौरान लगातार घटनाएं सामने आती हैं।

अब तक नहीं सुलझे कुछ चर्चित मामले, जानिए

पुलगांव-सिविल इंजीनियर शिवांग चंद्राकर को नहीं ढूंढ पाई पुलिस
पुलगांव थाना क्षेत्र के चंदखुरी इलाके से 6 दिसंबर को मरोदा निवासी सिविल इंजीनियर शिवांग चंद्राकर अचानक गायब हो गया। पुलिस की अहरणकर्ता की थ्योरी भी अब तक फेल है। सभी टेक्निकल जांच के बाद भी पुलिस को इंजीनियर का कोई पता नहीं चल पाया है। 1 अक्टूबर से भट्टी थाना क्षेत्र के सेक्टर 4 निवासी 11वीं का छात्र प्रणय गायब है।

ओल्ड भिलाई-12वीं कक्षा के छात्र के हत्यारों का नहीं चला पता
पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र के उमदा इलाके में 10 फरवरी को 12वीं के छात्र त्रिलोक चंद्राकर की हत्या कर दी । हत्या को 10 महीने से ज्यादा का वक्त गुजर चुका है। उक्त मामले में पुलिस को अब तक छात्र के हत्यारों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने घटना के बाद त्रिलोक के कई दोस्तों से पूछताछ की। कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर सख्ती की।