कोशिश करने वालों की हार नहीं होती,

त्वरित खबरे- 67 बार फेल, 68 वीं बार में 9 वीं के छात्र ने आसमान उड़ाया रॉकेट, दोस्तों के साथ मिलकर बनाई कंपनी

राजनांदगांव जिले के खैरागढ़ के 9 वीं के छात्र और उसके दोस्तों ने। स्पेस साइंस में रूचि रखने वाले इन बाल वैज्ञानिकों ने लॉकडाउन में रॉकेट बनाने की ठानी और इस पर रिसर्च करना शुरु कर दिया।

राजनांदगांव/खैरागढ़. कहते हैं कोशिश करने वालों की हार नहीं होती है। इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है राजनांदगांव जिले के खैरागढ़ के 9 वीं के छात्र और उसके दोस्तों ने। स्पेस साइंस में रूचि रखने वाले इन बाल वैज्ञानिकों ने लॉकडाउन में रॉकेट बनाने की ठानी और इस पर रिसर्च करना शुरु कर दिया। शुरुआत में एक दो नहीं 67 बार इनका रॉकेट उड़ ही नहीं पाया। 67 बार असफलता का मुंह देखने के बाद भी इनका मनोबल नहीं टूटा और 68 वीं कोशिश में आखिरकार इनका बनाया रॉकेट आसमान में उड़ चला। इसके बाद इन्होंने कुल तीन रॉकेट बना डाले। ये कोई फिल्मी कहानी नहीं एक छात्र के जीवन की सच्ची घटना है। जिसने असफलता को अपनी सफलता की कुंजी बना ली।

खैरागढ़ शहर के केंद्रीय विद्यालय के कक्षा 9 वीं में पढऩे वाले हर्षित सिंह और उसके साथियों ने 500 फ़ीट तक जाने वाले रॉकेट की लॉंचिंग की है। इंस्टाग्राम पर उनके इस इनोवेशन से प्रभावित होकर नेबोला स्पेस ऑर्गेनाइजेशन ने उनसे संपर्क साधा है। हर्षित और उसके साथी आदर्श जंघेल, विषभ फोटानी, सत्यम साहू, लक्ष्मण ठाकुर, योगेंद्र ठाकुर, कौशलेश वर्मा,दुमेश चुरेंद्र ने कोरोना काल में घर मे रहते हुए स्पेस साइंस की ओर रुचि दिखाते हुए काम शुरू किया।

इन बाल वैज्ञानिकों ने मिलकर एक कंपनी बनाई जिसका नाम रखा इंडियन रिसर्च कंपनी ऑफ स्पेस। और फिर शुरू हुआ इनोवेशन का दौर। और इनके 67 रॉकेट निर्माण के बाद फेल हो गए। लेकिन बच्चों ने हार नहीं मानी। और 68 रॉकेट सफल रहा। इन्होंने पहला रॉकेट टीएम 1 बनाया। दूसरा गरुण और तीसरे रॉकेट को बटर फ्लाई का नाम दिया। हर्षित, आदर्श और सत्यम ने बताया कि वे लो बजट राकेट बनाना चाहते हैं। इंडियन स्पेस प्रोग्राम को और विकसित देखना चाहते हैं।

स्पेस एक्स के मालिक इलोन मस्क से हैं प्रभावित

हर्षित और उसके साथी अमेरिका के निजी स्पेस एजेंसी इलोन मस्क से प्रभावित रहे हैं। मस्क की तुलना विश्व के सर्वाधिक अमीरों में होती है। और उनका मानना है कि भारत को स्पेस साइंस में अभी और विकास कर सकता है। हर्षित और उसके साथी अभी टीवीसी बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इन्होंने एक ऐसा रेडियो टेलिस्कोप बनाया है। जिससे ऑफिसियल सेटेलाइट को ट्रैक किया जा सकता है। हर्षित और उसकी टीम राकेट लॉंचिंग करते समय सेफ्टी का भी पूरा ध्यान रखते हैं और सभी राकेट इग्निटर से ही लांच करते हैं। पॉपुलर यूट्यूब चैनल द मडी शो ने भी उनके इस इनोवशन के संबंध में अपने चैनल आमंत्रित किया है। और साक्षात्कार की बात कही हैं।