पिछली क्रिसमस की तरह इस बार भी ओटीटी पर सारा अली खान की एक और फिल्म रिलीज हो रही है। यह फिल्म अक्षय कुमार और धनुष स्टारर ‘अतरंगी रे’ है। जो डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर स्ट्रीम होगी। सारा इसमें बिहारी लड़की रिंकू सूर्यवंशी के रोल में हैं। सारा ने फिल्म से जुड़े अपने टेकअवे और इंडस्ट्री में बतौर उभरती हुई स्टार एक्ट्रेस की थीम पर अपनी सोच शेयर की है। पेश हैं उनसे हुई बातचीत के प्रमुख अंश:-
सवाल-जो भी स्क्रिप्ट मिलती हैं, उनमें मां अमृता के क्या सजेशंस रहते हैं?
सारा अली- अमृता मैम खुद एक्टर रह चुकी हैं। उनका कहना रहता है कि जिन किरदारों पर व्यक्तिगत तौर पर भरोसा रहे, वही साइन करें। न कि अपने मैनेजर और आसपास के कथित शुभचिंतक क्या सजेस्ट करते हों या यहां तक कि अपने मां-बाप को भी क्या पसंद है? वह इसलिए कि सेट पर तो आपको जाना है। जैसे रिंकू सूर्यवंशी मुझे ऑन पेपर जितना मजेदार लगा, उतना ही मजा मुझे वह प्ले करते हुए सेट पर आया। वह बहुत जरूरी होता है।
सवाल-सारा के जीवन में क्या-क्या अतरंगी रहा है?
सारा अली- मैं तो पैदायशी अतरंगी हूं। खासकर यह साल तो सबके लिए ज्यादा ही अतरंगी रहा। हां, लोगों को अब पर्दे पर भी यह अतरंगी किरदार देखने को मिलेगा। आनंद सर मुझे किसी फिल्म की स्क्रीनिंग पर मिले और यह ऑफर की। मैं तो उतने में ही खुश हो गई कि उन जैसे निर्देशक मिले तो मुझे और क्या ही चाहिए। मैं बेहद खुश हुई।
सवाल- बिहार के बारे में क्या कुछ सुना करती थीं फिल्म से पहले?
सारा अली-बिहार से ताल्लुक रखने वाले लोग मेरे जानने वाले हैं, पर मैं वहां से हूं नहीं तो मुझे एक डायलेक्ट कोच दिया गया था। उसके अलावा वहां के रूरल इलाके में रहने वाली लड़कियों की बॉडी लैंग्वेज पर काम किया। वह अर्बन इंडिया की लड़कियों से अलग होता है। उस पर गौर किया।
सवाल-उस किरदार से कितना रिलेट कर पाईं आप?
सारा अली-ऑफकोर्स वह बिहार से और मैं बॉम्बे से हूं तो भाषाई और जहनी स्वभाव अलग है। बाकी हम दोनों ही काफी कॉन्फिडेंट साउंड करते हैं। हम भी वल्नरेबल और सेंसेटिव हैं। वह बेबाक और दृढ़निश्चयी है, पर भीतर से बेहद मासूम है। बहुत नरमदिल है। बाकी मैं डायरेक्टर्स एक्टर हूं। जो सेट और माहौल मुझे मिलता है, मैं उसी दुनिया की हो जाने की कोशिश करती हूं।
सवाल-धनुष और अक्षय कुमार से स्पेसिफिक क्या कुछ सीखने को मिला?
सारा अली-अक्षय सर की एनर्जी अलग ही लेवल की है। धनुष तो नेशनल अवॉर्ड विनर हैं। वो एक्टिंग के इंस्टीट्यूशन हैं। तभी अपने हिस्से की शूटिंग न होने के बावजूद मैं सेट पर ही रहती थी। धनुष को ऑब्जर्व कर उनसे एक्टिंग की बारीकियां सीखती थी। धनुष अपने किरदारों को बहुत अच्छे से समझ लेते हैं। फिर उससे डेविऐट नहीं होते। उस चक्कर में भले उनसे डायलॉग ऊपर नीचे क्यों न हो जाएं, वह उसकी फिक्र नहीं करते। अक्षय सर ने सैकड़ों फिल्में की हैं, मगर उन्होंने आज भी अपनी एनर्जी और स्पॉनटेनिएटी को कायम रखी हुई है।
सवाल- नवंबर में आप और जाह्नवी केदारनाथ गए थे। जाह्नवी से जुड़ा कोई अतरंगी किस्सा बता सकें?
सारा अली-ऑनेस्टली मैं उसको बचपन से तो नहीं जानती, मगर हम दोनों ऐसी शख्सियत हैं, जो अपने काम और खुद को लेकर बड़ी कॉन्फिडेंट हैं। तभी एक दूसरे के साथ दोस्ती निभा पाते हैं। भले हम दोनों इंडस्ट्री की लीडिंग लेडीज हैं, पर हम दोनों में कोई आपसी इनसिक्योरिटी नहीं है। सेम प्रोफेशन में होने के बावजूद हम दोनों साथ में टाइम स्पेंड कर रहें हैं यानी हमारी दोस्ती ही अतरंगी है। हालांकि यह पहलू लोगों को अजीब तो लगता होगा।
सवाल-खुद में इनसिक्योरिटी को कैसे नहीं आने देती आप दोनों?
सारा अली-दरअसल हम दोनों बेहद अलग लड़कियां हैं। जाह्नवी के अपने दोस्त हैं। मेरे अपने अलग दोस्त हैं, पर हम दोनों बहुत ही करियर ड्रिवन यंग गर्ल हैं। कोविड कालखंड ने हम दोनों के पिछले दो साल खा लिए। उसके चलते हम दोनों में काफी बेचैनी है। एक मलाल रहा कि हमारा अभी काम का दौर है और हम घर में बंद पड़े हुए थे। हमारी ये फीलिंग शायद कोई और न समझ सके। हम दोनों एक-दूसरे से कॉम्पिटिशन और तुलनाओं को अलग रखते हुए अपनी दोस्ती को एप्रीशिएट करते हैं।