मेडिकल कॉलेज में ईसाई मिशनरी ने बांटे हिंदुओं की निंदा वाले पर्चे, मरीजों के स्वजन ने दर्ज कराई शिकायत
त्वरित ख़बरें - दीपमाला शेट्टी रिपोर्टिंग

मरीज के स्वजन ने मतांतरण को प्रोत्साहित करने वाले पर्चे को लेकर शिकायत की है। स्थानीय पुलिस अधिकारी का कहना है कि सिम्स में समुदाय विशेष से जुड़ी प्रार्थना के पर्चे बांटने की सूचना पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में मिशन अस्पताल परिसर स्थित विश्वासी मंदिर की ओर से पर्चे छपवाए जाने की जानकारी मिली है।

 बिलासपुर। ईसाई मिशनरियों की ओर से छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में भर्ती मरीजों व उनके स्वजन के बीच हिंदुओं की निंदा करने वाले पर्चे बांटे जाने का मामला सामने आया है। पर्चे में हिंदू धर्म के प्रतीक मंदिर को जोड़कर हिंदुओं को भरमाने की बात भी सामने आ रही है।

मरीज के स्वजन ने मतांतरण को प्रोत्साहित करने वाले पर्चे को लेकर शिकायत की है। स्थानीय पुलिस अधिकारी का कहना है कि सिम्स में समुदाय विशेष से जुड़ी प्रार्थना के पर्चे बांटने की सूचना पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में मिशन अस्पताल परिसर स्थित विश्वासी मंदिर की ओर से पर्चे छपवाए जाने की जानकारी मिली है।

वीएचपी ने जताया विरोध

मंदिर से जुड़े लोगों ने प्रार्थना के लिए पर्चे छपवाने की बात स्वीकार की है मगर अस्पताल में बंटवाने से इंकार किया है। विश्व हिन्दू परिषद ने विरोध जताते हुए प्रशासन से पूरे मामले की जांच की मांग की है। विश्व हिंदू परिषद की स्थानीय इकाई के अनुसार ईसाई धर्म में आराधना के लिए चर्च होता है, लेकिन पर्चे में मंदिर का जिक्र किया गया है। विश्वासी मंदिर और मसीहा मंदिर में आराधना करने से तकलीफ दूर होने का दावा भी किया गया है।

परिषद के पदाधिकारियों के अनुसार मिशनरियों ने मतांतरण का नया तरीका ढूंढा है। मालूम हो कि सिम्स में गत 13 जून को ईसाई मिशनरी से जुड़ी महिला ने पर्चे बांटे थे। मामले की शिकायत पाकर पुलिस ने जांच शुरू की तो विश्वासी मंदिर की ओर से पर्चा प्रकाशित करने की बात सामने आई है।

क्या है विश्वासी मंदिर

जरहाभाठा स्थित विश्वासी मंदिर ईसाई समुदाय का प्रार्थना स्थल है। यहां पर प्रतिदिन यीशू मसीह की प्रार्थना की जाती है। रविवार को विशेष प्रार्थना का आयोजन किया जाता है।

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