संत संस्कारों की पाठशाला, इसलिए समाज को सुरक्षित रखता है: प्रभाकर साहेब0 संस्कार ही व्यक्ति की बड़ी पूजी है : साहेब

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5 मार्च 2023

नादिया। यहां कबीर मठ नादिया के तत्वाधान में चल रहे तीन दिवसीय अखिल भारतीय कबीर संत सम्मेलन के दूसरे दिन प्रवचन देते हुए कबीरवाणी के राष्ट्रीय प्रचारक सद्गुरु प्रभाकर साहेब ने कहा कि हर व्यक्ति जीवन को दुखो से मुक्त बनाना चाहता है,और चाहना ही दुखो का मूल है, इसलिए दुख से मुक्त नहीं हो पाता जिस समय चाहना समाप्त हो जाती है उसी समय दुख विदा हो जाता है।

उन्होंने कहा कि युवाओं में व्यसन युवतिओं में फैशन और बुड्ढों में टेंसन आज की प्रमुख समस्या होती जा रही है, सरकारें शराब को लाभ का सौदा समझकर शराब बंदी को अमल में नहीं ला पाती लेकिन समाज की सबसे बड़ी हानी शराब और नशे से ही है,आज इस बदचलन के कारण छोटे छोटे बच्चे अपराध की दुनिया में शामिल होते जा रहे है। अतः यह कारोबार बंद होना चाहिए।

धर्माधिकारी सत्यंद्र साहेब ने कहा कि संस्कार ही व्यक्ति की बड़ी पूंजी है, और संत संस्कारों की पाठशाला, इसलिए समाज को सुरक्षित रखना है तो संत परम्परा को जीवंत रखना पड़ेगा।

साध्वी भुवन ज्योति ने कहा कि काम क्रोध व लालच भक्ति के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा है। जो इनसे मुक्त होता है वही भक्ति और मुक्ति को प्राप्त करता है।

इससे पहले संत गुरूबोध साहेब ने प्रेम गुरके चरण में लगालो, एवं गायक देवेन्द्र देव ने मजा लूट बंदे गुरु बंदगी का सरीखे भजनों से सभा को मंत्रमग्ध कर दिया! सत्संग में विधायक एवं राज्य मंत्री दिलेश्वर साहू, ने कहा कि कबीर के विचारों की आवश्यकता इसी बात से सिद्ध होती है कि आज कोई भी आध्यात्मिक चर्चा, कथा या प्रवचन कबीर की वाणी के बिना पूर्ण नहीं होती।  

सत्संग में द्वारिका साहू, छत्तीसगढ़ ग्रामीण सहकारी बैंक के प्रमुख, साहित्यकार कुबेर सिंह साहू, जनपत अध्यक्ष टिकेट साहू डोंगरगढ़, सुयश सुहाता, आदि ने सिरकत की। इस अवसर पर विधायक ने दिलेश्वर साहू ने 21 हजार, ओजस दास साहू ने 1 लाख व जगदीश हेडव ने 5 लाख रुपए संस्था को समर्पित किया।

संयोजक  महेश साहू ने बताया कि महोत्सव के समापन में रविवार को सुबह 10 बजे भजन प्रवचन ,तथा 1 बजे से सात्विक चोका आरती एवं गुरुपूजन के कार्यक्रम होंगे।