विजयादशमी तिथि के साथ ही नवरात्रि का समापन हो गया। लेकिन इस वर्ष शारदीय या क्वांर नवरात्रि के दौरान ट्विनसिटी के दुर्गा पंडालों में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का उत्साह जबरदस्त था। वहीं हुडको और सेक्टर-6 स्थित कालीबाड़ी मंदिर में नवरात्रि में सिंदूर की होली खेली गई, जिसने सभी का ध्यान खींचा।
बंगाली समाज द्वारा लगाए गए दुर्गा पंडालों में भी ढोल व शंख की ध्वनि गुंजायमान रही। सिंदूर की होली खेलने के पीछे मान्यता बताई जाती है कि सुहागनें आपस में सिंदूर की होली खेलकर मां दुर्गा से अपने सुहाग की रक्षा करने की कामना करती हैं। इसी के चलते हर साल कालीबाड़ी मंदिरों में सिंदूर की होली खेली जाती है। सीएम भूपेश बघेल शुक्रवार को कुम्हारी स्थित महामाया मंदिर और चरोदा में रावण दहन कार्यक्रम में शामिल हुए। वहीं खुर्सीपार जोन-2 स्थित दुर्गा पंडाल में कई गणमान्य लोगों ने मां दुर्गा की प्रतिमा के दर्शन किए। ट्विनसिटी में इस अवसर पर कन्या भोज और कन्या पूजन के भी कार्यक्रमों में लोगों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। वहीं विजयादशमी पर शहर में शहर में शस्त्र पूजा सहित रावण दहन के भी कार्यक्रम आयोजित किए गए।
ट्विनसिटी में लगभग 40 स्थानों पर हुआ रावण दहन
ट्विनसिटी में बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व दशहरा पर रावण दहन किया गया। दुर्ग के रविशंकर स्टेडियम, पद्मनाभपुर मिनी स्टेडियम, बैगापारा मिनी स्टेडियम, जवाहर नगर खेल मैदान, सेक्टर-2 मैदान, सिविक सेंटर, खुर्सीपार और कुम्हारी सहित जिले में 40 स्थानों पर रावण दहन किया गया। भिलाई में सबसे बड़े रावण पुतले का दहन खुर्सीपार मंगल भवन में किया गया। सेक्टर-2 दशहरा मैदान में 25 फीट, चौहान टाऊन व जुनवानी में 10 फीट पुतले का दहन किया गया। इस दौरान लोग एक-दूसरे को सोन पत्ती देते हुए दिखाई दिए।
कोरोना नियमों का पालन करने दिए गए थे निर्देश
जिले में छोटे-बड़े आयोजनों सहित लगभग 40 जगहों में रावण दहन का कार्यक्रम आयोजित हुआ। प्रशासन ने पहले ही कार्यक्रम स्थलों में मास्क को पूरी तरह अनिवार्य कर दिया था। समितियों को सेनेटाइजर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए थे। वहीं प्रशासन ने कई जगहों पर यातायात नियंत्रित करने के लिए बैरीकेडिंग भी की थी ताकि लोगों को असुविधा न हो। कोरोना प्रोटोकॉल को अनिवार्य तौर पर लागू किया गया था। लेकिन कई जगहों पर इसका उल्लंघन होता हुआ भी दिखाई दिया। वहीं प्रशासन भी मूक दर्शक बना रहा।