छत्तीसगढ़ धमतरी..…जिले के नगरी ब्लॉक के सांकरा में मूली में शिवलिंग की आकृति की प्रतिमा निकलने से लोगों ने पूजा-अर्चना शुरू कर दी है... यह खबर पूरे मोहल्ले और गांव में जैसे ही पता चला शिवलिंग की आकृति देखने और दर्शन करने श्रद्धालुओं उमड़ी भीड़... ग्रामीण लूनकरण साहू ने जानकारी देते हुए बताया कि हमारे गांव के ही पवन साहू पिता रामसिंह साहू गौरीशंकर पारा बस स्टैंड के घर की बाड़ी में शिवलिंग आकृति की मूली निकली है...इसकी सूचना पाकर दर्शन करने लोगों की भीड़ जमा हो गई.. स्थानीय लोगों ने चढ़ावा चढ़ाना भी शुरू कर दिया है। ढोलक और मंजीरे की थाप पर भक्ति भजन हो रहे हैं...
माघी पूर्णिमा के पूर्व संध्या शिवलिंग की प्रतिमा निकलने को लेकर दर्शन करने वाली महिलाएं इसे शुभ मान रही हैं..आपको बता दे की पवन साहू की पत्नी फुलेश्वरी साहू ने बताया कि माघी पूर्णिमा के पूर्व संध्या जब वे अपने घर की बाड़ी से बड़ी सब्जी के साथ मूली बनाने के लिए मूली सब्जी की खुदाई की तो देखा कि एक आकृति उभरी हुई है... जब उसको बाहर निकालकर देखा तो यह शिवलिंग की आकृति है...उन्होंने यह बात पड़ोसियों को बताई तो देखने वालों की भीड़ जमा हो गई...देखते-देखते लोग पूजा आरती करने लगे।
ग्रामीण इसे आध्यात्मिक रूप से मानते हैं शुभ
गांव के पिलसाई साहू, बलराम ठाकुर, दुष्यंत साहू और रामेश्वरी साहू की मानें तो उनका गांव सांकरा धर्म और अध्यात्म के नाम पर अपने गांव मानस सम्मेलन के लिए पूरे छत्तीसगढ़ में मशहूर है। यहां पूजा-पाठ और भजन-कीर्तन करने वाले काफी संख्या में हैं। ऐसे में माघी पूर्णिमा के दिन हम ग्रामीणों को धरती से भगवान शंकर के स्वयंभू शिवलिंग के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। भगवान की महिमा अपरम्पार है। वह अपने भक्तों के सामने किसी न किसी रूप में अवश्य प्रकट होते हैं। आज वह हमें केवल मूली में दिखाई दे रहे हैं।।
असमान्य आकार किसी भी कंदमूल फल या सब्जी का होना कोई चमत्कार नहीं: डाॅ दिनेश मिश्र
अंध श्रध्दा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डाॅ दिनेश मिश्र ने कहा कि किसी भी फल, फूल, सब्जी या फिर कंदमूल अथवा जीवों का असामान्य आकार हो सकता है। ऐसा प्रकृति में परिवर्तन के कारण होता है,न कि किसी चमत्कार की वजह से। इसको चमत्कार मानना, उसमें देवता खोजना गलत धारणा है। लोगों से अपील की जाती है कि वे ऐसे अंध विश्वास में कतई न फंसें।