सहकारिता मंत्रियों का सम्मेलन : मंत्री प्रेमसाय ने ‘सहकार से समृद्धि’ पर रखी अपनी बात, प्रदेश में किए जा रहे कार्यों की दी जानकारी

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रायपुर , सितम्बर 9, 2022

दिल्ली में देश भर के सहकारिता मंत्रियों का सम्मेलन शुरू हो गया है. जिसमें छत्तीसगढ़ के सहकारिता मंत्री डॉक्टर प्रेमसाय सिंह टेकाम भी शामिल हुए हैं. नई दिल्ली विज्ञान भवन में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की उपलब्धियों और पहल के संबंध में आयोजित किया गया है. सम्मेलन में राज्यों के सहकारी क्षेत्र अपनी उपलब्धियों और पहलों का प्रदर्शन करेंगे.

छत्तीसगढ़ के सहकारिता मंत्री प्रेमसाय टेकाम ने कहा कि प्रदेश में सहकार से समृद्धि के बारे में बात रखूंगा. साथ ही सहकारिता विभाग की ओर से संचालित योजनाओं का वीडियो बनाया गया है, जिसे सम्मेलन में दिखाया जाएगा. ‘सहकार से समृद्धि’ के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए संबंधित राज्य क्षेत्रों की ओर से लगभग 10 स्लाइडों की स्पष्ट प्रस्तुति और करीब 5 मिनट का एक लघु वीडियो सम्मेलन में प्ले किया जाएगा.

सम्मेलन में दिए प्रेजेंटेशन में विभाग की ओर से तैयार किए गए क्लिप को दिखाया गया जिसमें-

  • ऋण माफी- छत्तीसगढ़ शासन की ओर से महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए किसानों की कर्ज माफी का निर्णय लेकर 13.47 लाख किसानों के 5261.43 करोड़ के सहकारी ऋण माफ करना बताया. ऋण माफी के कारण ऋण लेने वाले किसानों की संख्या में अपेक्षित वृद्धि होना भी बताया गया.
  • ब्याज अनुदान – प्रदेश के कृषकों को सहकारी समितियों / बैंकों के जरिए 5 लाख तक के ब्याज मुक्त अल्पकालीन ऋण दिए जा रहे हैं. सरकार की ओर से मछली पालन और लाख की खेती को बढ़ावा दिए जाने के लिए ब्याजमुक्त ऋण दिए जाने का फैसला लिया गया. इसके साथ ही उद्यानिकी फसलों, गौपालन के लिए भी रियायती दरों पर ऋण दिया जा रहा है.
  • सहकारी संस्थाओं का पुनर्गठन और संख्या वृद्धि किसानों को कृषि साख की सुलभता के साथ सहकारिता के विस्तार के लिए 1333 प्राथमिक साख सहकारी संस्थाओं का पुनर्गठन कर 725 नई समितियों का गठन किया गया. जिससे किसान की सहकारी संस्थाओं के बीच की दूरी में कमी आई है और किसान सहकारी संस्थाओं की सेवा में सुलभता बढ़ी है.
  • नई संस्थाओं को गोदाम, सह कार्यालय, नवगठित समितियों को सुदृढ़ बनाए जाने के लिए 185 करोड़ की लागत से गोदाम सह आफिस के निर्माण की योजना बनाई गई. जिसके लिए सरकार की ओर से समितियों को 75 प्रतिशत अनुदान दिए जाने का निर्णय लिया गया.
  • किसानों को सहकारिता से ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं दिलाए जाने के लिए सहकारी बैंकों की शाखाओं, ATM का विस्तार किया गया.

गन्ना किसानों की आर्थिक सहायता

राजीव गांधी किसान न्याय योजनांतर्गत गन्ना पेराई सीजन 2019-20 में 93.75 रुपये प्रति क्विंटल के मान से 34292 किसानों को राशि रू. 74.24 करोड़ का एफआरपी के अतिरिक्त भुगतान किया गया. इस तरह प्रदेश में गन्ना किसानों को गन्ना पेराइ सीजन 2019-20 में 355.00 रू. प्रति क्विंटल के मान से किसानों को गन्ने का दाम मिल रहा है.

मक्का आधारित एथेनॉल प्लांट की स्थापना

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के कोण्डागांव जिले 65000 मक्का उत्पादक कृषक है, मक्का यहां की एक महत्वपूर्ण फसल है. मक्का प्रसंस्करण प्लांट की स्थापना के लिए 90,000 मीट्रिक टन के मुकाबले प्रतिवर्ष 1,90,000 मेट्रिक टन मक्के का उत्पादन होता है. मक्के का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1962 रू. क्विंटल निर्धारित है. लेकिन वर्तमान में किसान मक्का 1100-1200 रू. क्विंटल की दर से बेच रहे हैं. सहकारिता के क्षेत्र में 140 करोड़ रुपये की लागत से 80 KLPD क्षमता का एथेनॉल प्लांट लगाया जा रहा है. जिसमें शासन की 25 प्रतिशत राशि अंशपूंजी विनियोजित होगी. मक्का प्रसंस्करण यूनिट की स्थापना होने से जो फायदा होगा उसका बोनस किसानों को मिलेगा. 300 से ज्यादा लोगों को मक्का प्रसंस्करण प्लांट में रोजगार भी मिलेगा.

कम्प्यूटरीकृत ऑनलाइन धान खरीदी और भुगतान

छत्तीसगढ़ राज्य की मुख्य फसल धान है. राज्य में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ और सह अभिकर्ता के रूप में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों की ओर से धान का उपार्जन किया जाता है. 2020 सहकारी समितियों की ओर से 2,484 धान उपार्जन केन्द्रों में पूर्णतः कम्प्यूटरीकृत ऑनलाइन धान खरीदी की व्यवस्था की गई है. सहकारी बैंकों की ओर से पी.एफ.एम.एस. के जरिए 72 घंटों के अंदर भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है. धान खरीदी व्यवस्था से हर साल दो लाख से ज्यादा श्रमिकों को रोजगार भी उपलब्ध होता है.