रायपुर 09 मई 2022
सीमेंट और लोहा की बढ़ती कीमतों ने सभी सरकारी कंस्ट्रक्शन पर ब्रेक लगा दिया है। इससे सबसे ज्यादा आम लोगों को परेशानी हो रही है। लोक निर्माण विभाग, एनआरडीए, आरडीए, नगर निगम, वन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के ठेकेदारों ने एकजुट होकर सभी शासकीय कंस्ट्रक्शन के काम बंद कर दिए हैं। इससे सालों लेट चल रहे निर्माण कामों को पूरा होने में और देरी हो रही है।
टेंडर लेने के समय और अभी की स्थिति में मटेरियल की कीमतों में 50 से 60 फीसदी की बढ़ोतरी हो चुकी है। इस वजह से सरकारी ठेकेदारों ने निर्माण काम बंद कर दिए हैं। उनका कहना है कि अभी काम किया तो उन्हें कई गुना नुकसान होगा। इसलिए सभी विभागों के ठेकेदारों ने एकजुट होकर काम बंद कर दिया।
सरकारी ठेकेदारों का कहना है कि विभाग ने जब रेट दिया था उस समय सीमेंट और लोहा की कीमत कम थी, लेकिन अभी उसमें 40 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। ऐसे में पुराने टेंडर रेट में किसी भी परिस्थिति में काम करना मुश्किल है।
इसलिए पहले रेट रिवाइज किया जाए उसके बाद ही काम शुरू किया जाएगा। ठेकेदारों की इस मांग पर पीडब्लूडी समेत सभी विभागों के आला अफसरों ने अपना पल्ला झाड़ लिया है। उनका कहना है कि तत्काल कुछ भी नहीं किया जा सकता है। ऐसे में विभागों और ठेकेदारों के बीच की लड़ाई का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
आरडीए में कमल विहार और बोरियाखुर्द का काम बंद
बिल्डिंग निर्माण सामग्री की कीमतों में बढ़ोतरी होने की वजह से कमल विहार, बोरियाखुर्द सहित आरडीए के सभी प्रोजेक्ट का काम लगभग ठप हो गया है। इन जगहों पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत फ्लैट्स और स्वतंत्र मकान बनाने का काम हो रहा था। बोरियाखुर्द में स्वतंत्र मकानों का काम अभी शुरू ही हुआ था कि कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से ठेकेदारों ने काम करने से इंकार कर दिया है।
शहर में निगम का पाइपलाइन बिछाने का काम रुका
नगर निगम में फिलहाल अमृत मिशन योजना के तहत पाइपलाइन का काम चल रहा है। इस काम करने का एग्रीमेंट 4 साल पहले जारी किया गया था। लेकिन अभी पाइप की कीमत बहुत ज्यादा बढ़ गई है।
इसलिए ठेकेदार ने पाइपलाइन बिछाने का काम फिलहाल रोक दिया है। इसके अलावा वार्डों में चल रहे सड़क, नाली और निर्माण से संबंधित भी बेहद धीमे हो गए हैं। नए वर्क आर्डर लेने वाले ठेकेदारों ने अभी तक काम ही शुरू नहीं किया है।
पीएचई ठेकेदारों ने भी कर दिया काम बंद
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की ओर से केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के तहत पाइपलाइन कनेक्शन और नल लगाने का काम किया जा रहा है। लेकिन अभी लोहा की कीमतों में तेजी के बाद पीएचई के ठेकेदारों ने भी काम बंद कर दिया है।
उनका कहना है कि लोहे की कीमत में 60 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है। ऐसे में पुराने रेट में काम करना बेहद मुश्किल है। इसलिए काम बंद कर दिया है।
पीडब्लूडी का हर काम बंद
लोक निर्माण विभाग के शासकीय ठेकेदारों ने अभी फाफाडीह और गोगांव अंडरब्रिज का काम रोक दिया है। इसके साथ ही सेजबहार रोड चौड़ीकरण का काम भी ठप हो गया है। सड़क विकास निगम के ठेकेदारों ने भी एक्सप्रेस वे का काम बंद कर दिया है। डीआरएम दफ्तर के पास फाफाडीह और गोगांव अंडरब्रिज काम काम पहले ही करीब तीन साल लेट है।
अभी इस नए विवाद के बाद एक बार फिर काम बंद हो गया है। यानी आने वाले समय में लोगों को ट्रैफिक जाम और कई तरह की परेशानियों से दो-चार होते रहना पड़ेगा। लोक निर्माण विभाग की ओर से अभी स्कूल-कॉलेज शिक्षा विभाग के लिए भी कुछ बिल्डिंग तैयार की जा रही है। लेकिन ठेकेदारों की वजह से इनका काम भी बंद हो गया है।
जहां राहत दे सकते हैं वहां दे रहे हैं। सभी ठेकेदारों से कहा गया है कि वे काम जारी रखें। तय समय पर काम नहीं किया तो नियमानुसार ही कार्रवाई करेंगे।
- वीके भतपहरी, ईएनसी लोक निर्माण विभाग
सरकारी विभागों में 2015 में तय एसओआर के आधार पर टेंडर जारी किए जा रहे हैं। इसमें संशोधन की जरूरत है। आमतौर पर सभी टेंडर में ठेकेदार अगले एक-दो साल में संभावित मूल्य वृद्धि को ध्यान में रखते हुए रेट भरते हैं।
अनिल गुप्ता, अधीक्षण अभियंता आरडीए
मटेरियल की कीमत कई गुना बढ़ गई है, लेकिन टेंडर रेट पांच साल से जस के तस रखे गए हैं। इस वजह से निर्माण काम बंद करना मजबूरी हो गई है। इस मामले में आज प्रदेशस्तरीय बैठक बुलाई गई है।
बीरेश शुक्ला, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर्स एसो.