BJP वोटरों से पूछेगी आप हिंदू हैं या मुस्लिम : संगठन ने विधायक और सांसदों को दी जिम्मेदारी

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रायपुर २२ अप्रैल 

भारतीय जनता पार्टी आने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर अब सक्रिय होती दिख रही है। पार्टी ने अपने सांसद और विधायकों से कहा है कि अपने-अपने क्षेत्रों में कमजोर बूथ की सर्वे रिपोर्ट तैयार करें। भाजपा के केंद्रीय संगठन ने सांसदों को 100 और विधायकों को 50 कमजोर बूथ की तलाश करने को कहा है। यहां पार्टी सुधार करेगी।


                               इसके लिए बकायदा फॉर्म भी दिया गया है।


संगठन का रूटीन सा लगने वाले ये काम अब एक खास वजह से चर्चा में हैं। दरअसल, इस सर्वे के लिए एक फॉर्म भी भाजपा दे रही है। इस फार्म में पूछा गया है कि बूथ में कितने हिन्दू, मुस्लिम, सिख और ईसाई और अन्य धर्मों को मानने वाले मतदाता हैं। इसकी जानकारी जुटाने के लिए नेताओं और कार्यकर्ताओं को यह फॉर्म दिया गया है, जिसमें डाटा भरने के बाद इसे वापस जमा करना है।


                                                                      ऐसा है फॉर्म।

ये सांसदों को निपटाने की तैयारी
इसे लेकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुक्रवार को कहा कि छत्तीसगढ़ में बीजेपी संगठन विधायकों की तो पहले ही टिकट काट चुका है। यहां के विधायकों से कह दिया गया है कि आपको टिकट नहीं मिलेगा। अब सांसदों को निपटाने की तैयारी चल रही है, इसलिए ये काम उन्हें सौंपा जा रहा है। अब जैसे-तैसे करके सांसदों से पार्टी पीछा छुड़ाना चाह रही है। इसलिए ऐसा कर रहे हैं।

भाजपा बोली-ऐसी कोई बात नहीं है
विधानसभा चुनाव 2023 को ध्यान में रखकर भाजपा बूथ का सर्वे करने के लिए 23 बिंदुओं की जानकारी जुटाएगी। वोटरों के धर्म की जानकारी लेने की वजह से कांग्रेस ने भाजपा पर सांप्रदायिक राजनीति का आरोप लगाया है। भाजपा ने इस आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने के लिए डाटा एकत्र किया जा रहा है। फॉर्म को भाजपा ने मतदान केंद्र समीक्षा पत्र का नाम दिया है। सामने श्यामा प्रसाद मुखर्जी और दीनदयाल उपाध्याय की तस्वीर है। इसे लेकर नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि देश में जाति और धर्म की राजनीति कांग्रेस ने की है। इसमें किसी प्रकार का कोई धार्मिक एजेंडा नहीं है।