प्रदेशभर में कोरोना से मौतों का सरकारी आंकड़ा भले ही कम हो, लेकिन जिलों में आवेदन करने वालों की संख्या इससे कहीं ज्यादा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कोरोना से अब तक 14021 मौतें हुई हैं, लेकिन आवेदन करने वालों की संख्या 18000 से ज्यादा हो गई है। विभाग के पास ये आंकड़े रोज अपडेट हो रहे हैं, इसलिए ये संख्या बदल भी रही है।
लेकिन, एक तथ्य ये भी है कि जिनकी मौतों को विभाग ने कोरोना से मान लिया है, उन्हें भी पिछले पांच महीने से मुआवजे की राशि नहीं मिली है। ऐसे करीब 2 हजार से ज्यादा मामले हैं। अभी तक 16 हजार से ज्यादा लोगों को करीब 80 करोड़ का भुगतान कर दिया गया है।
अफसरों का कहना है कि तकनीकी कारणों की वजह से सभी मामले नहीं निपट पाए हैं। पिछले साल अगस्त-सितंबर 2021 में केंद्र ने कोरोना मृतकों को 50 हजार का मुआवजा देने की घोषणा की थी। लेकिन करीब पांच महीने बीत जाने के बाद भी मृतकों के परिवारवालों को मुआवजा की रकम नहीं मिल पाई है।
समितियों के अफसरों का कहना है कि कोरोना संबंधित दस्तावेज नहीं होने की वजह से ही आवेदन लंबित हुए हैं। मृत्यु प्रमाण पत्र समेत अस्पताल के कुछ दस्तावेज नहीं मिलने की वजह से मौत को प्रमाणिक नहीं किया जा सका है। इस वजह से इन मामलों को लंबित रखा गया है, लेकिन किसी भी आवेदन को निरस्त नहीं किया गया है।
मौतों का मुआवजा 18 हजार ने मांगा, 16 हजार को 80 करोड़ का भुगतान, केवल राजधानी में 5 माह से 450 आवेदन पेंडिंग
रायपुर में अभी भी काट रहे चक्कर | रायपुर जिले में करीब 3700 लोगों ने कोरोना मुआवजा के लिए आवेदन किया था। इसमें अभी तक 3250 से ज्यादा को भुगतान कर दिया गया है। लगभग 260 मामले प्रोसेस में है। बाकी दस्तावेजों की कमी की वजह से लंबित हैं।
मुआवजा समिति के अफसरों का कहना है कि लंबित मामलों को भी जल्द निपटा लिया जाएगा। कोरोना मुआवजा देने में कहीं भी कोई दिक्कत नहीं है। जिन लोगों ने दस्तावेज जमा नहीं किए हैं उन्हें इसकी सूचना भी दे दी गई है। जैसे ही वे जरूरी प्रमाण पत्र जमा करेंगे मुआवजा का भुगतान कर दिया जाएगा।