बैठक में वन मंत्री मोहम्मद अकबर, मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, कृषि उत्पादन आयुक्त कमलप्रीत सिंह, गोधन न्याय मिशन के प्रबंध संचालक डॉ. एस. भारतीदासन, कृषि संचालक यशवंत कुमार, उद्यानिकी विभाग के संचालक माथेश्वरन वी. सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
अक्टूबर 2021 में गोठानों में बिजली उत्पादन शुरू हुआ था
अक्टूबर 2021 में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के तीन गोठानों में बिजली उत्पादन संयंत्रों का उद्घाटन किया था। इसमें बेमेतरा जिले के राखी गोठान, दुर्ग जिले के सिकोला तथा रायपुर जिले के बनचरौदा में गोबर से विद्युत उत्पादन शुरू हुआ। बताया गया कि बनचरौदा गोठान में 500 किलो गोबर और 500 लीटर पानी से 20 किलोवॉट बिजली बन जा रही है। इससे अभी गोठान रोशन हो रहा है। वहां की कुछ मशीनें चल रही हैं।
गोठानों में ऐसे बनाई जा रही है बिजली
सबसे पहले सीमेंट से बने इनलेट चैंबर में गोबर और पानी का घोल तैयार किया जाता है। इसमें रोजाना 500 किलो गोबर और 500 लीटर पानी डाला जाता है। यह घोल लोहे से ढका हुआ और 15 फीट गहरे बायोगैस संयंत्र में जाता है। गैस एक पाइप के जरिए बायोगैस बैलून में स्टोर होता है। गोबर गैस में मीथेन के अलाव और कई गैस होती हैं। ऐसे में यहां 3 स्क्रबर लगाए गए हैं। इसमें मीथेन गैस को फिल्टर कर अलग किया जाता है। इसके बाद जनरेटर की सहायता से बिजली उत्पादन होता है।