न्यायालयीन आदेशों के अनुरूप एकसमान दिशा-निर्देश जारी करने की मांग, अनुकम्पा नियुक्त लिपिकों को राहत दिलाने की पहल
रायपुर, 22 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग के लिपिकों की वार्षिक वेतनवृद्धि रोके जाने और वेतन से राशि की वसूली किए जाने से जुड़े मामलों को लेकर कर्मचारियों ने शासन से राहत की मांग की है। छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय से स्पष्ट एवं एकसमान दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।
संघ के प्रदेश महामंत्री सूरज प्रसाद देवांगन के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग के अनेक अनुकम्पा नियुक्त लिपिकों ने 22 अक्टूबर को संबंधित विभागों के सचिवों और स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय के संचालक के नाम ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में न्यायालयीन आदेशों का हवाला देते हुए प्रदेशभर के प्रभावित कर्मचारियों के मामलों का नियमानुसार निराकरण करने का आग्रह किया गया है।
कौशल परीक्षा और हिंदी मुद्रलेखन परीक्षा का मुद्दा उठा
ज्ञापन में वर्ष 2013 से 2023 के बीच नियुक्त लिपिकों से जुड़े कौशल परीक्षा, हिंदी मुद्रलेखन परीक्षा, वार्षिक वेतनवृद्धि और वेतन से वसूली के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है। संघ का कहना है कि इन प्रक्रियाओं से संबंधित समस्याओं के कारण अनेक कर्मचारियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
संघ ने मांग की है कि जिन विभागों में हिंदी मुद्रलेखन परीक्षा आयोजित नहीं की गई है, वहां परीक्षा के आधार पर लिपिकों की वार्षिक वेतनवृद्धि नहीं रोकी जाए। इसके लिए शासन स्तर पर स्पष्ट नीति और व्यावहारिक दिशा-निर्देश जारी किए जाने चाहिए, ताकि कर्मचारियों को अनावश्यक आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े।
न्यायालयीन आदेशों के अनुरूप वसूली पर रोक की मांग
संघ ने वेतन से राशि की वसूली के मामलों में भी राहत देने की मांग की है। ज्ञापन के अनुसार, जिन मामलों में लागू न्यायालयीन आदेशों के तहत वेतन से वसूली नहीं की जानी है, वहां ऐसी कार्रवाई बंद कर प्रभावित कर्मचारियों को राहत प्रदान की जाए।
संघ का मानना है कि न्यायालयीन आदेशों का समुचित पालन सुनिश्चित करने और कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए शासन की ओर से स्पष्ट निर्देश जारी करना आवश्यक है।
प्रदेशभर में एकसमान व्यवस्था लागू करने का आग्रह
प्रदेश महामंत्री सूरज प्रसाद देवांगन ने शासन से आग्रह किया है कि संबंधित न्यायालयीन आदेशों के अनुरूप सभी विभागों के लिए एकसमान सामान्य आदेश जारी किया जाए। इससे अलग-अलग विभागों में अलग-अलग प्रक्रियाओं के कारण उत्पन्न होने वाली परेशानियों को दूर करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने उम्मीद जताई कि शासन इस मामले पर गंभीरता से विचार करेगा और प्रभावित लिपिकों के हित में आवश्यक निर्णय लेगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर प्रदेश संयोजक कमल प्रसाद चन्द्राकर, प्रांतीय संगठन सचिव हरिओम शर्मा, जिला बालोद से विवेक देवांगन, जिला रायपुर से तीरथ राम निषाद, जिला धमतरी से धनेश्वर पाल सहित हितेश निर्मलकर, भूपेंद्र निर्मलकर, दीप्ति वर्मा, ललिता सोनकर, देवप्रभा पटेल, मेरलिन जोस और सुधांशु सैमुअल सहित अनेक लिपिक उपस्थित रहे।
अब कर्मचारियों की निगाहें शासन के निर्णय पर टिकी हैं। संघ को उम्मीद है कि मांगों पर सकारात्मक पहल करते हुए वेतनवृद्धि और वेतन वसूली से संबंधित समस्याओं का समाधान किया जाएगा तथा प्रदेशभर में एकसमान व्यवस्था लागू करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।