राजनांदगांव/छुरिया। श्रमिकों के अधिकार, सम्मान और कल्याण की मांग को लेकर शुक्रवार, 23 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ प्रदेश ठेकेदार राजमिस्त्री मजदूर कल्याण संघ एवं राजमिस्त्री संघ ने छुरिया विकासखंड में विशाल शांतिपूर्ण पदयात्रा निकाली। जनपद पंचायत से बाजार चौक तक निकली इस पदयात्रा में प्रदेशभर के पदाधिकारी और श्रमिक प्रतिनिधि शामिल हुए। इसके बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम अनुविभागीय अधिकारी के माध्यम से सात सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया।
श्रमिकों की समस्याओं को लेकर उठाई आवाज
संघ ने निर्माण कार्यों में लगे ठेकेदारों, राजमिस्त्रियों और मजदूरों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। संगठन का कहना है कि निर्माण श्रमिक प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, लेकिन उन्हें आर्थिक असुरक्षा, मजदूरी विवाद और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
ये हैं संघ की सात प्रमुख मांगें
संघ ने ज्ञापन में पूर्व में जारी श्रमिक कार्डों का पुनः सत्यापन, नए श्रमिक पंजीयन से पहले वास्तविक कार्यस्थल का निरीक्षण और ठेकेदारों व श्रमिकों के बीच मजदूरी विवादों के समाधान के लिए वैधानिक व्यवस्था बनाने की मांग की।
इसके अलावा पंजीकृत श्रमिक संगठनों को 50 लाख रुपये तक के सरकारी निर्माण कार्य आवंटित करने, शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के दाल-भात केंद्रों का संचालन पंजीकृत श्रमिक संघों को सौंपने, श्रमायुक्त की अध्यक्षता में साल में कम से कम एक बार बैठक आयोजित करने और प्रत्येक जिले में श्रमिक सदन बनाने की मांग रखी गई।
प्रदेशभर के पदाधिकारी हुए शामिल
पदयात्रा में प्रदेश संरक्षक सागर मोंगरे, प्रदेश अध्यक्ष अशोक पटेल, महामंत्री तिलक देवांगन, कोषाध्यक्ष मृत्युंजय भगत, उपाध्यक्ष जमुना प्रसाद राजवाड़े एवं ईश्वर साहू सहित अन्य पदाधिकारी और श्रमिक प्रतिनिधि शामिल हुए।
संघ ने कहा कि इन मांगों पर कार्रवाई होने से श्रमिकों की समस्याओं के समाधान और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। संगठन ने शासन से मांगों पर गंभीरता से विचार कर ठोस कदम उठाने की अपील की है। अब श्रमिकों को राज्य सरकार की ओर से सकारात्मक निर्णय लिए जाने की उम्मीद है।