राजनांदगांव में 125 शिक्षकों को नोटिस जारी, VSK ऐप में हाजिरी नहीं लगाने पर विभाग की कार्रवाई।

राहुल ओझा ब्यूरो प्रमुख-राजनांदगांव

राजनांदगांव में 125 शिक्षकों को नोटिस जारी, VSK ऐप में हाजिरी नहीं लगाने पर विभाग की कार्रवाई

डिजिटल उपस्थिति व्यवस्था पर उठे सवाल, क्या स्कूलों में नियमित पहुंच रहे हैं शिक्षक? जांच के बाद ही होगा स्थिति स्पष्ट

राजनांदगांव। जिले में VSK (विद्या समीक्षा केंद्र) ऐप के माध्यम से डिजिटल उपस्थिति दर्ज नहीं करने के मामले में करीब 125 शिक्षकों को नोटिस जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस घटनाक्रम के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, संबंधित शिक्षकों द्वारा VSK ऐप में अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं किए जाने के कारण विभाग ने उन्हें नोटिस जारी किया है। हालांकि, डिजिटल उपस्थिति दर्ज नहीं होने का यह अर्थ नहीं है कि संबंधित शिक्षक स्कूल नहीं पहुंच रहे थे। वास्तविक स्थिति का पता विभागीय जांच और स्कूलों के उपस्थिति अभिलेखों के मिलान से ही चल सकेगा।

डिजिटल हाजिरी व्यवस्था की निगरानी जरूरी

शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से डिजिटल हाजिरी व्यवस्था लागू की गई है। ऐसे में यदि बड़ी संख्या में शिक्षक ऐप पर उपस्थिति दर्ज नहीं कर रहे हैं, तो इसके कारणों की जांच आवश्यक है। इसके पीछे तकनीकी समस्या, नेटवर्क की दिक्कत, ऐप संबंधी परेशानी या नियमों का पालन नहीं करना जैसे विभिन्न कारण हो सकते हैं।

विभागीय जांच से स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति

अब सवाल यह है कि नोटिस प्राप्त करने वाले शिक्षकों में कितने शिक्षक वास्तव में स्कूल में उपस्थित थे और कितने मामलों में लापरवाही हुई। शिक्षा विभाग को स्कूलों के उपस्थिति रजिस्टर, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य संबंधित दस्तावेजों का मिलान कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

यदि किसी शिक्षक ने जानबूझकर नियमों की अनदेखी की है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, तकनीकी कारणों से उपस्थिति दर्ज नहीं होने वाले मामलों में उचित जांच के बाद निर्णय लिया जाना आवश्यक है।

फिलहाल, 125 शिक्षकों को नोटिस जारी किए जाने की सूचना के बाद मामले ने शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। नोटिस जारी होने के कारणों और शिक्षकों की वास्तविक उपस्थिति को लेकर विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।