दुर्ग। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय (दुर्ग विश्वविद्यालय) के कुलसचिव भूपेंद्र कुमार कुलदीप को उनके पद से हटा दिया गया है। उच्च शिक्षा विभाग ने मंगलवार देर शाम आदेश जारी कर उन्हें उच्च शिक्षा संचालनालय, इंद्रावती भवन, नवा रायपुर में पदस्थ किया है। उनकी जगह शासकीय वी. वाई. टी. महाविद्यालय, दुर्ग के इतिहास विभाग के प्राध्यापक डॉ. अनिल कुमार पांडेय को विश्वविद्यालय का प्रभारी कुलसचिव नियुक्त किया गया है।
तीन मामलों को लेकर विवादों में थे कुलसचिव
भूपेंद्र कुलदीप पिछले कुछ महीनों से तीन अलग-अलग मामलों को लेकर विवादों में थे। उन पर दैनिक वेतनभोगी महिला कर्मचारी के वेतन से राशि लिए जाने, शासकीय कार की मरम्मत के नाम पर विश्वविद्यालय की राशि के दुरुपयोग और गलत तरीके से पीएचडी की डिग्री हासिल करने के आरोप लगे थे।
3 अगस्त को दर्ज हुई थी FIR
महिला कर्मचारी के वेतन से राशि लेने के मामले में 3 अगस्त 2026 को मोहन नगर थाने में BNS की धारा 316(4) के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोप है कि विश्वविद्यालय में काम करने वाली दैनिक वेतनभोगी महिला कर्मचारी के वेतन का कुछ हिस्सा उनके बेटे के खाते में ट्रांसफर कराया गया था। इसी मामले में उनकी गिरफ्तारी भी हुई थी, हालांकि उसी दिन जमानत पर रिहा कर दिया गया था।
29 अगस्त को छीने गए थे वित्तीय अधिकार
एफआईआर के बाद 29 अगस्त को विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद ने उनके वित्तीय अधिकार वापस ले लिए थे। भुगतान संबंधी दस्तावेजों और बैंकिंग लेन-देन में उनके स्थान पर अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. नीलू श्रीवास्तव को अधिकृत किया गया था।
24 हजार के बिल का भी आरोप
उन पर शासकीय कार की मरम्मत के लिए फर्जी बिल लगाकर परीक्षा मद से करीब 24 हजार रुपये निकालने का भी आरोप है। आरोप है कि बीमा क्लेम लिए बिना विश्वविद्यालय की राशि से भुगतान किया गया। उच्च शिक्षा विभाग की दो सदस्यीय जांच समिति ने इस आरोप की पुष्टि की है।
अब डॉ. अनिल पांडेय संभालेंगे जिम्मेदारी
लगातार विवादों के बाद अब शासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें नवा रायपुर अटैच कर दिया है और डॉ. अनिल कुमार पांडेय को प्रभारी कुलसचिव की जिम्मेदारी सौंपी है।