राजनांदगांव में सड़क पर नहीं दिखेंगे घुमंतु पशु! कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश, पंचायतों को मिलेगी जिम्मेदारी

त्वरित खबरें: अरुण रिपोर्टिंग

राजनांदगांव। राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रमुख मार्गों पर घुमंतु पशुओं के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रशासन ने पंचायत स्तर पर प्रभावी व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कहा कि पशुओं को सड़क से सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए प्रशासन, पुलिस, राष्ट्रीय राजमार्ग की टीम और ग्राम पंचायतों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।


कलेक्टर ने सभी सरपंच और सचिवों को अपने-अपने क्षेत्रों में उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए चरवाहे की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। चरवाहों के माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रमुख सड़कों पर विचरण करने वाले पशुओं को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा। इसके लिए स्थानीय टेक्स संग्रहण सहित अन्य उपलब्ध संसाधनों का नियमानुसार उपयोग करने कहा गया है।


उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था की आगामी तीन माह तक नियमित निगरानी की जाएगी। सड़क सुरक्षा और पशु प्रबंधन के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाली पंचायतों को प्रोत्साहित किया जाएगा। उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतों को विकास कार्यों के लिए प्रोत्साहन तथा बेहतर कार्य करने वाले सरपंचों को सम्मानित करने की बात भी कही गई।


पशु आश्रय स्थलों को किया जाएगा सक्रिय


कलेक्टर ने ग्राम पंचायतों के पशु आश्रय स्थलों को सक्रिय करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पशुओं के संरक्षण के साथ-साथ मानव-पशु टकराव और सड़क दुर्घटनाओं को रोकना भी जरूरी है। जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को पंचायतों से प्रस्ताव लेकर पशु आश्रय स्थलों में शेड, फेंसिंग, चारा और पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।


सड़क के आसपास उपलब्ध शासकीय भूमि का चिन्हांकन कर जरूरत के अनुसार सुरक्षित पशु आश्रय स्थल विकसित करने को भी कहा गया। बैठक में विभिन्न पंचायतों में उपलब्ध गौठानों की क्षमता और अतिरिक्त पशुओं को रखने के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की गई।


पुलिस और पेट्रोलिंग टीम के साथ होगा समन्वय


कलेक्टर ने राष्ट्रीय राजमार्ग की पेट्रोलिंग टीम, पुलिस और ग्राम पंचायतों के बीच बेहतर सूचना तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए। सड़क पर पशुओं के पाए जाने की सूचना तत्काल संबंधित टीम तक पहुंचाने के लिए सरपंच, सचिव, चरवाहे, जनपद पंचायत और राष्ट्रीय राजमार्ग की टीम को समन्वित सूचना समूह से जोड़ने कहा गया।


इसके अलावा रात्रिकालीन पेट्रोलिंग को प्रभावी बनाने, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में प्रकाश व्यवस्था करने तथा उपलब्ध सीसीटीवी और अन्य संसाधनों का बेहतर उपयोग करने के निर्देश दिए गए।


बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, यातायात पुलिस के अधिकारी, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सरपंच, सचिव और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।