भिलाई में ‘जर्नी इनटू ब्लैक होल्स’ का विमोचन: डॉ. शरद चंद्र भैया ने छात्रों के लिए आसान भाषा में समझाए ब्लैक होल के रहस्य...

त्वरित ख़बरें :- अमित यादव रिपोर्टिंग

भिलाई। विज्ञान के प्रति जिज्ञासा और कुछ नया सीखने का जुनून उम्र के किसी पड़ाव का मोहताज नहीं होता। इसी सोच को साकार करते हुए भिलाई के पूर्व भौतिकी व्याख्याता डॉ. शरद चंद्र भैया ने ब्लैक होल जैसे जटिल और रहस्यमय विषय पर ‘जर्नी इनटू ब्लैक होल्स’ नामक पुस्तक लिखी है। पुस्तक का औपचारिक विमोचन बीएसपी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेक्टर-10, भिलाई में शिक्षकों और विद्यार्थियों की मौजूदगी में किया गया।

पुस्तक में ब्लैक होल, अंतरिक्ष विज्ञान, खगोल विज्ञान और वैज्ञानिक अनुसंधान जैसे विषयों को विद्यार्थियों और युवा पाठकों के लिए सरल भाषा में समझाने का प्रयास किया गया है। ब्लैक होल लंबे समय से वैज्ञानिकों और आम लोगों के लिए जिज्ञासा का विषय रहे हैं। ऐसे कठिन वैज्ञानिक विषय को आसान तरीके से प्रस्तुत करना इस पुस्तक की खासियत है।

विमोचन कार्यक्रम के दौरान डॉ. शरद चंद्र भैया ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया और ब्लैक होल से जुड़े विभिन्न सवालों के जवाब दिए। छात्रों ने भी अंतरिक्ष, ब्रह्मांड और ब्लैक होल से संबंधित अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं। इस दौरान विद्यार्थियों को केवल किताबों तक सीमित ज्ञान के बजाय वैज्ञानिक विषयों पर सवाल पूछने, तर्क करने और अपनी समझ विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।

डॉ. भैया का कहना है कि पुस्तक लिखने का उद्देश्य केवल ब्लैक होल के बारे में जानकारी देना नहीं, बल्कि युवाओं में वैज्ञानिक सोच, खोज की भावना और अनुसंधान के प्रति रुचि विकसित करना भी है। उनका प्रयास है कि विद्यार्थी ब्रह्मांड और अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े विषयों को कठिन समझकर उनसे दूर न हों, बल्कि सवाल पूछें और नई चीजों को जानने की कोशिश करें।

आज के दौर में अंतरिक्ष विज्ञान और खगोल विज्ञान के प्रति युवाओं की रुचि तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में ‘जर्नी इनटू ब्लैक होल्स’ जैसी पुस्तक विद्यार्थियों को ब्रह्मांड के रहस्यों को समझने और विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर सकती है।      पुस्तक का मूल संदेश यही है कि एक सवाल ही वैज्ञानिक खोज की पहली सीढ़ी बन सकता है।

पुस्तक: जर्नी इनटू ब्लैक होल्स
लेखक: डॉ. शरद चंद्र भैया
मुख्य विषय: ब्लैक होल, अंतरिक्ष विज्ञान, खगोल विज्ञान और वैज्ञानिक अनुसंधान