दुर्ग। दुर्ग जिले में महिलाओं को दिए गए समूह ऋण (लोन) की वसूली राशि में करीब 1.11 करोड़ रुपये की गड़बड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में बैंकिंग कंपनी के दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों कर्मचारियों ने महिलाओं से लोन की किस्तों के रूप में वसूली गई रकम कंपनी के खाते में जमा करने के बजाय उसका गबन कर लिया।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि आरोपी लंबे समय से विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूहों और ऋणधारकों से किश्तों की वसूली कर रहे थे। हालांकि, वसूली की गई पूरी राशि कंपनी के खाते में जमा नहीं की गई। ऑडिट और खातों के मिलान के दौरान करीब 1.11 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आने पर कंपनी प्रबंधन ने मामले की शिकायत पुलिस से की।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और दस्तावेजों व बैंक रिकॉर्ड की पड़ताल के बाद दोनों कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस गड़बड़ी में अन्य किसी कर्मचारी या व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है।
फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी है और गबन की पूरी राशि तथा उसके इस्तेमाल का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।