रायपुर। कांग्रेस ने रायपुर शहर में विधायक निधि से कराए जा रहे विकास कार्यों को लेकर भाजपा सरकार और स्थानीय विधायकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मोदी–साय सरकार की विकास और पारदर्शिता की गारंटी को स्वयं भाजपा के विधायक ही फेल कर रहे हैं।
कांग्रेस ने दावा किया कि कई विकास कार्यों में स्वीकृत राशि और किए गए भुगतान के बीच बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है। पार्टी का आरोप है कि कुछ मामलों में विधायक निधि से स्वीकृत राशि से अधिक भुगतान किए जाने के दस्तावेज सामने आए हैं, जिससे कार्यों की गुणवत्ता और वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जनता के टैक्स के पैसे से होने वाले विकास कार्यों में जवाबदेही और पारदर्शिता जरूरी है, लेकिन रायपुर में कई योजनाओं में केवल कागजों पर विकास दिखाया जा रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि जमीनी स्तर पर कार्यों की स्थिति और दस्तावेजों में दर्ज प्रगति में भारी अंतर नजर आता है।
कांग्रेस ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और संबंधित विभागों से भुगतान एवं कार्यों का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि यदि अनियमितताओं की शिकायतों की जांच नहीं की गई तो यह जनता के साथ विश्वासघात होगा।
वहीं, भाजपा की ओर से इन आरोपों को राजनीतिक प्रेरित बताया जा रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि विकास कार्य नियमानुसार किए जा रहे हैं और कांग्रेस बिना तथ्यों के भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है।
इस मुद्दे को लेकर राजधानी की राजनीति गरमा गई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आरोप-प्रत्यारोप के बीच प्रशासन और संबंधित विभाग क्या कदम उठाते हैं।