कूरियर और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रतिबंधित नशीली सामग्री, अवैध औषधियों और घातक हथियारों की आपूर्ति पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से दुर्ग पुलिस और खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने संयुक्त पहल की है।
सोमवार को कंट्रोल रूम सेक्टर-06, दुर्ग में आयोजित बैठक में कूरियर सर्विस संचालकों और ई-कॉमर्स कंपनियों के प्रतिनिधियों को सुरक्षा और निगरानी संबंधी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
बैठक में निर्देशित किया गया कि किसी भी पार्सल की बुकिंग के दौरान प्रेषक, प्राप्तकर्ता और बुकिंग कराने वाले व्यक्ति का पूरा विवरण दर्ज किया जाए। इसके लिए नाम, पता, मोबाइल नंबर और आधार कार्ड की छायाप्रति अनिवार्य रूप से प्राप्त करने के निर्देश दिए गए।
साथ ही सभी पार्सल बुकिंग केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और कम से कम एक माह तक फुटेज सुरक्षित रखने को कहा गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी संदिग्ध पार्सल की सूचना तत्काल संबंधित थाना पुलिस को दी जाए। यदि पार्सल में प्रतिबंधित नशीली औषधि या मादक पदार्थ होने की आशंका हो, तो इसकी जानकारी तुरंत खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को भी दी जाए।
औषधियों से संबंधित पार्सलों के लिए अलग रजिस्टर संधारित करने और यथासंभव ऑनलाइन भुगतान को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया गया, ताकि आवश्यकता पड़ने पर प्रेषक की पहचान आसानी से की जा सके।
बैठक में कूरियर सेवाओं के माध्यम से होने वाली अवैध गतिविधियों की रोकथाम, सुरक्षा उपायों और वैधानिक दायित्वों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस दौरान नगर पुलिस अधीक्षक भिलाई नगर सत्य प्रकाश तिवारी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के सहायक संचालक संजय सिंह, औषधि निरीक्षक विष्णु प्रसाद साहू, गायत्री पटेल, जागेश्वरी साहू सहित विभिन्न कूरियर कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
दुर्ग पुलिस ने सभी कूरियर सेवा संचालकों, ई-कॉमर्स कंपनियों और नागरिकों से अपील की है कि संदिग्ध पार्सलों, प्रतिबंधित नशीली सामग्री या अवैध वस्तुओं के परिवहन से संबंधित किसी भी जानकारी की सूचना तत्काल पुलिस को दें। जनसुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी संबंधित संस्थाओं का सहयोग आवश्यक है।